हेल्थ खजाना

दिवाली की मिठास के बिच शुगर के मरीज ,खुशियाँ बाँटें, पर सेहत का भी रखें ध्यान

मिठाई

मुरादाबाद। भारत में कोई भी त्योहार मिठाई के बिना अधूरा माना जाता है। खासकर दिवाली के समय घर-घर में तरह-तरह की मिठाइयाँ बनती हैं ,लड्डू, बर्फी, गुलाबजामुन, सोनपापड़ी, लेकिन यही मिठास डायबिटीज़ (मधुमेह) के मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है।

त्योहारों में लोग अपनों को मिठाई खिलाकर प्यार जताते हैं। लेकिन जब किसी को डायबिटीज़ होती है, तब हर बार बस एक पीस खा लो” या थोड़ा सा ही लो, कुछ नहीं होगा” जैसी बातें सुनना उसके लिए मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से थका देने वाला होता है।
दिनभर में कई रिश्तेदारों या दोस्तों की ऐसी पेशकश को ठुकराना आसान नहीं होता और कई बार लोग सामाजिक दबाव या क्रेविंग की वजह से मान भी जाते हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान उनकी सेहत को होता है।

सालभर मैं मिठाई से दूरी बना लेता हूँ, लेकिन दिवाली पर हर कोई कहता है कि बस एक पीस ले लो। सबको मना करना बहुत मुश्किल हो जाता है। अब तो मैं इस समय सामाजिक समारोहों में जाना ही टाल देता हूँ

भारत को ‘डायबिटीज़ कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ कहा जाता है। बीते तीन दशकों में शुगर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
डॉक्टरों का कहना है कि त्योहारों के दौरान ब्लड शुगर लेवल बढ़ना बहुत सामान्य बात है, क्योंकि लोग अपनी नियमित डाइट और एक्सरसाइज़ छोड़ देते हैं।

मिठाई खाने से पहले ब्लड शुगर लेवल जाँचें।

घर पर शुगर-फ्री स्वीट्स या फल आधारित डेज़र्ट्स बनाएं।

दूसरों पर मिठाई खाने का दबाव न डालें।

मिठाई के साथ पानी और फाइबर युक्त चीजें ज़रूर लें।

Related posts

सेंधा नमक या साधारण नमक? सेहत के लिए कौन सा बेहतर, जानिए एक्सपर्ट की सलाह!

News Author

हर साल 16 अक्तूबर को मनाया जाता है वर्ल्ड फूड डे

News Author

धूम्रपान छोड़ना: मस्तिष्क को किसी भी उम्र में सुरक्षित रखें

News Author

Leave a Comment