दिल्ली में आयोजित भारत-रूस व्यापार मंच और उसके बाद हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह पल आया, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जो दुनिया के सबसे भारी भू-राजनीतिक दबावों का सामना कर रहे हैं, उन्होंने PM नरेंद्र मोदी के सामने दो ऐलान कर दिए—एक सस्ते तेल पर और दूसरा रुपये-रूबल लेनदेन पर—जिनसे अमेरिका और खासकर डोनाल्ड ट्रम्प की चिंताएँ और बढ़ सकती हैं।
पुतिन का बड़ा ऐलान: “भारत को सस्ता तेल बिना रुकावट मिलता रहेगा”

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने साफ कहा:
“हम भारत को तेल, गैस, कोयला और ऊर्जा के हर साधन की बिना रुकावट सप्लाई जारी रखेंगे। किसी भी वैश्विक दबाव का हम पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।”
यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- रूस पर कड़े प्रतिबंध लगे हैं
- अमेरिका भारत पर रूस से तेल न खरीदने का लगातार दबाव बना रहा है
- फिर भी रूस भारत को सबसे सस्ता क्रूड ऑइल दे रहा है
यूक्रेन युद्ध से पहले भारत केवल 2.5% तेल रूस से लेता था।
युद्ध के बाद यह आंकड़ा 35% से भी ज्यादा हो गया।
यह वही कारण है जिससे अमेरिकी नेतृत्व—खासतौर पर ट्रंप—भारत-रूस नजदीकी को लेकर चिंतित रहता है।
96% व्यापार अब रुपये-रूबल में—डॉलर को सीधी चुनौती
पुतिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि:
“भारत और रूस के बीच 96% व्यापार अब अपनी घरेलू मुद्रा—रुपये और रूबल में हो रहा है।”
यह घोषणा इसलिए अहम है क्योंकि:
- यह डॉलर-डिपेंडेंसी को कम करता है
- वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में अमेरिका के वर्चस्व को सीधी चुनौती देता है
- अमेरिकी राजनीतिक वर्ग, खासकर डोनाल्ड ट्रंप, इसे “डॉलर वर्चस्व खत्म करने वाली रणनीति” के रूप में देखते हैं
यही वजह है कि माना जा रहा है कि इस बयान के बाद ट्रंप के पैरों तले जमीन खिसकना तय है।
भारत-रूस: ऊर्जा साझेदारी पहले से ज्यादा मजबूत
रूस भारत का:
- भरोसेमंद ऊर्जा सप्लायर,
- क्रूड ऑइल का सबसे बड़ा स्रोत,
- और रक्षा क्षेत्र में 50 साल पुराना सहयोगी है।
पुतिन ने यह भी याद दिलाया कि:
- रूस ने दशकों तक भारतीय सेना को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराए
- एयर डिफेंस से लेकर नेवी तक रूस लगातार भारत की रीढ़ बना रहा है
ऊर्जा साझेदारी को लेकर यह स्पष्ट संकेत है कि यह रिश्ते आने वाले वर्षों में और भी मजबूत होने वाले हैं।
🇮🇳 PM मोदी का संदेश: “रूस आइए, भारत में बनाइए”
भारत-रूस व्यापार मंच को संबोधित करते हुए PM मोदी ने रूसी कंपनियों को आमंत्रित किया:
“आइए, भारत में निवेश कीजिए… भारत में बनाइए… साझेदारी को और गहरा कीजिए।”
PM मोदी ने आगे कहा:
- भारत और रूस यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ FTA को जल्द पूरा करना चाहते हैं
- INSTC, नॉर्दर्न सी रूट और चेन्नै–व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स भारत-रूस व्यापार को नई ऊंचाई देंगे
- दोनों देश स्किल, ट्रेनिंग, शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी काम बढ़ाएंगे
यूक्रेन युद्ध पर भारत का स्पष्ट रुख
PM मोदी ने कहा:
“भारत हमेशा शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के प्रयासों का स्वागत करता है। हम शांति के लिए योगदान देने को तैयार हैं।”
यह बयान पश्चिमी देशों के लिए संकेत है कि भारत किसी भी वैश्विक दबाव में आए बिना शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक रहेगा।
पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष वार—पहलगाम हमले का जिक्र
PM मोदी ने अपने संबोधन में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए इशारों में पाकिस्तान को संदेश दिया:
- भारत और उसके मित्र राष्ट्र आतंकवाद के खिलाफ पूरी मजबूती से साथ हैं
- आतंक के खिलाफ लड़ाई में कोई ढिलाई नहीं