बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा बर्बरतापूर्ण हत्या को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए कहा कि किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति या पहचान के आधार पर हिंसा और हत्या स्वीकार्य नहीं हो सकती।

मानवता के खिलाफ अपराध
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या का समाचार अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि धर्म या पहचान के आधार पर किया गया भेदभाव और हिंसा सीधे तौर पर मानवता पर हमला है।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भारत सरकार को पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने मांग की कि यह मुद्दा बांग्लादेशी सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाए, ताकि वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ईशनिंदा के आरोप में हत्या
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश में ईशनिंदा के आरोप में हिंदू समुदाय के एक युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और बाद में उसके शव को आग के हवाले कर दिया गया। यह घटना देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की ताजा और गंभीर घटना मानी जा रही है।
मृतक की पहचान
‘बांग्ला ट्रिब्यून’ समाचार पोर्टल के मुताबिक, मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास (25) के रूप में हुई है। वह बांग्लादेश के मैमनसिंह शहर में एक कारखाने में काम करता था। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
भारत सरकार से कूटनीतिक पहल की मांग
प्रियंका गांधी ने दोहराया कि भारत सरकार को इस मुद्दे को केवल चिंता तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर ठोस पहल करते हुए बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी की मांग करनी चाहिए।