अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिका-यूनुस बातचीत से बढ़ी हलचल, भारत-बांग्लादेश संबंधों पर गहराया संकट

बांग्लादेश की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अमेरिका ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत में चुनाव, हिंसा और लोकतांत्रिक हालात पर चर्चा हुई, वहीं भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में भी बढ़ती खटास साफ नजर आ रही है।

अमेरिका ने यूनुस से की सीधी बात

अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर ने मोहम्मद यूनुस से फोन पर हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की। यूनुस ने 12 फरवरी को आम चुनाव कराने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अंतरिम सरकार निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

चुनाव में बाधा डालने के आरोप

यूनुस ने अवामी लीग समर्थकों पर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया। इस बीच शरीफ हादी से जुड़े संगठन ‘इंकलाब मंच’ ने 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी करते हुए न्याय न मिलने पर जनआंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन ने मामले की अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से जांच की मांग भी की है।

मीडिया संस्थानों पर हमले से लोकतांत्रिक छवि को झटका

बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा का असर मीडिया की स्वतंत्रता पर भी दिख रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रथम आलो और द डेली स्टार समेत कई मीडिया दफ्तरों पर हमला किया। हालात इतने खराब हो गए कि प्रथम आलो को 27 साल में पहली बार अपना प्रिंट एडिशन रोकना पड़ा। यूनुस ने इन हमलों की निंदा तो की, लेकिन हिंसा थमने के संकेत नहीं दिखे।

इसी बीच, शरीफ हादी की हत्या के कुछ दिनों बाद छात्र आंदोलन से जुड़े नेता मोतालेब सिकदर को खुलना में गोली मार दी गई, जिससे लक्षित हिंसा की आशंकाएं और बढ़ गई हैं।

सुरक्षा कारणों से वीजा सेवाएं स्थगित

नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीजा और कांसुलर सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इससे पहले भारत ने भी बांग्लादेश में अपने वीजा आवेदन केंद्र बंद कर दिए थे। उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा में इन केंद्रों को भी निशाना बनाया गया था।

शेख हसीना का यूनुस सरकार पर हमला

अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार चरमपंथियों को बढ़ावा दे रही है और भारत-बांग्लादेश संबंधों को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। वहीं भारत ने साफ किया है कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर पूरी तरह सतर्क रहेगा।

🔍 निष्कर्ष

अमेरिका की दखल, बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा, मीडिया पर हमले और वीजा सेवाओं पर रोक—ये सभी घटनाएं भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव की ओर इशारा कर रही हैं। आने वाले दिनों में यूनुस सरकार की अग्निपरीक्षा होगी कि वह हालात को कैसे संभालती है।

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