निशु आजाद के पिता संजय के साथ कथित मारपीट का मामला, पुलिस से कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली: निशु आजाद से जुड़े मामले को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका समेत अन्य लोग निशु आजाद के पिता संजय से जुड़े मामले को लेकर नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे। इस दौरान आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उनका आरोप है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट हुई थी।
संसद मार्ग थाने पर कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट के अनुसार, CJP नेताओं का कहना है कि मामले को लेकर पहले भी दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग की जाती रही है। संगठन के नेताओं ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान संजय के सिर में चोट लगी और उन्हें इलाज कराना पड़ा। उन्होंने मामले में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।
हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम स्थिति पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
चंद्रशेखर आजाद भी रहे मौजूद
निशु आजाद के समर्थन में संसद मार्ग थाने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी ने मामले को और चर्चा में ला दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे निशु और उनके पिता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
वायरल पॉडकास्ट क्लिप का भी जिक्र
मामले के बीच स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ी एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप का भी जिक्र सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, क्लिप में भारद्वाज ने संजय कुमार के सिर पर वार करने की बात कही थी। कथित तौर पर उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कैमरे से रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विवाद के दौरान संजय गिर गए और इसके बाद उनके सिर पर वार किए जाने का दावा किया गया। हालांकि वायरल क्लिप में कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की कानूनी स्थिति जांच का विषय है।
अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
निशु आजाद मामले में प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में सख्त कार्रवाई की है। दूसरी ओर, किसी भी आरोप की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।
अब सभी की नजर दिल्ली पुलिस की आगे की कार्रवाई पर है। पुलिस जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है और आरोपों को लेकर जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।