बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला 31 दिसंबर का है, जब शरीयतपुर जिले में एक उग्र भीड़ ने खोकोन दास नामक हिंदू व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया और उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया गया।
भीड़ ने किया बर्बर हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, खोकोन दास जब अपने घर लौट रहे थे, तभी कुछ बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। पहले उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, फिर धारदार हथियारों से वार किया गया। इसके बाद हमलावरों ने उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की।
तालाब में कूदकर बचाई जान
आग की लपटों से बचने के लिए खोकोन दास ने पास के एक तालाब में छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच सकी। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें गंभीर हालत में बचाया और शरीयतपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
बढ़ती हिंसा पर सवाल
यह घटना बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों की कड़ी में एक और गंभीर मामला है। हाल के दिनों में हिंदुओं पर यह चौथा बड़ा हमला बताया जा रहा है। इससे पहले बेजेंद्र बिस्वास, अमृत मंडल और दीपू चंद्र दास पर भी भीड़ द्वारा हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इन मामलों पर टिकी हैं।