बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव (12 फरवरी 2026) के नतीजों ने देश की राजनीति की दिशा बदल दी है। ताजा रुझानों और परिणामों के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 151 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। इसके साथ ही पार्टी बहुमत के बेहद करीब पहुंच गई है और सरकार गठन का रास्ता लगभग साफ नजर आ रहा है।
सबसे बड़ी खबर यह है कि BNP अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका-17 सीट से जीत हासिल की है। पार्टी के मीडिया सेल से जुड़े नेताओं ने इसकी पुष्टि की है। माना जा रहा है कि तारिक रहमान कल प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, हालांकि अंतिम घोषणा औपचारिक प्रक्रिया के बाद होगी।
ढाका में मतदान, पत्नी और बेटी साथ रहीं
गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे तारिक रहमान ने राजधानी के गुलशन मॉडल हाई स्कूल केंद्र पर मतदान किया था। इस दौरान उनके साथ पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी भी मौजूद थीं। तारिक की जीत को BNP समर्थक “नई सरकार की शुरुआत” के रूप में देख रहे हैं।
जमात-ए-इस्लामी बनी मुख्य विपक्ष
नतीजों के मुताबिक जमात-ए-इस्लामी 43 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और संसद में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में उभर रही है। इस बार चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से BNP गठबंधन और जमात के नेतृत्व वाले मोर्चे के बीच रहा, क्योंकि आवामी लीग मैदान से बाहर रही।
2024 छात्र आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव
यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन और सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने और अंतरिम सरकार के गठन के बाद जनता को सीधे वोट देने का मौका मिला। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इसे “नए बांग्लादेश की शुरुआत” बताया और शांतिपूर्ण मतदान की अपील की थी।
आरोप, तनाव और हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं
चुनाव के दौरान विवाद और हिंसा की खबरें भी आईं। आवामी लीग ने इसे “दिखावा” बताते हुए धांधली, धमकी और दमन के आरोप लगाए। कई जगह पोलिंग एजेंटों को रोके जाने और पत्रकार पर हमले की खबर भी सामने आई।
मुंशीगंज में मतदान केंद्र के बाहर धमाके की बात कही गई, जबकि ढाका और खुलना में झड़पों की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट्स के अनुसार इन घटनाओं में एक BNP नेता की मौत भी हुई। इसके अलावा मतदान से पहले नकदी बरामदगी, केंद्रों में घुसपैठ और बैलेट से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों ने माहौल को संवेदनशील बनाया।
हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान कहीं नहीं रुका और स्थिति नियंत्रण में रही।
युवाओं की भूमिका और AI आधारित प्रचार रहा चर्चा में
इस चुनाव में युवाओं की भागीदारी और AI आधारित प्रचार अभियान ने भी खास ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर तेज प्रचार, डिजिटल कैंपेनिंग और नए वोटर्स की बड़ी भूमिका ने इस चुनाव को अलग पहचान दी।
आगे क्या?
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया कब पूरी होती है और प्रधानमंत्री पद की शपथ कब होती है। अगर BNP बहुमत का आंकड़ा पार कर लेती है, तो तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।