इजरायल-ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से फोन पर बात कर मौजूदा हालात पर चिंता जताई और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है और कई देशों की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।
📞 पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने नेतन्याहू से क्षेत्र के हालात पर चर्चा की और भारत की चिंताओं को साझा किया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि:
- नागरिकों की सुरक्षा सबसे अहम है
- संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म किया जाना चाहिए
- क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करना जरूरी है
भारत ने एक बार फिर संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान पर जोर दिया है।
🇦🇪 UAE के राष्ट्रपति से भी की बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से भी फोन पर बात की।
UAE पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हुए पीएम मोदी ने जानमाल के नुकसान पर दुख जताया और इस कठिन समय में भारत की एकजुटता का संदेश दिया।
उन्होंने UAE में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां की सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
💥 ऑपरेशन के बाद बढ़ा तनाव
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा कथित संयुक्त सैन्य कार्रवाई “ऑपरेशन रोरिंग लायन/ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के बाद हालात और गंभीर हो गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के मारे जाने की खबर सामने आई है।
हालांकि क्षेत्र में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति की अपील कर रहा है।
🌍 भारत का रुख: शांति और स्थिरता
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह:
- क्षेत्रीय शांति का समर्थन करता है
- नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है
- तनाव कम करने के लिए संवाद का पक्षधर है
मध्य-पूर्व में लाखों भारतीयों के हितों को देखते हुए भारत की कूटनीतिक सक्रियता बेहद अहम मानी जा रही है।