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ढाका जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी? तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए बांग्लादेश ने भारत को दिया न्योता

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष तारिक रहमान 17 फरवरी को देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं।

शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बांग्लादेश ने 13 देशों को आधिकारिक निमंत्रण भेजा है, जिनमें भारत भी शामिल है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ढाका जाएंगे?

चुनाव में BNP की बड़ी जीत

बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए संसदीय चुनाव में BNP ने शानदार प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, BNP गठबंधन ने 299 सीटों में से 212 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है।

वहीं जमात-ए-इस्लामी (JeI) गठबंधन 77 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।

शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज

चुनाव में जीत के बाद अब शपथ समारोह को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। 17 फरवरी को तारिक रहमान अपने मंत्रिमंडल के साथ शपथ लेंगे।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम को भव्य बनाने की योजना है और विदेशी मेहमानों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जा रही है।

इन 13 देशों को भेजा गया निमंत्रण

शपथ ग्रहण समारोह के लिए जिन देशों को न्योता भेजा गया है, उनमें शामिल हैं—
भारत, चीन, सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्किये, यूएई, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान।

PM मोदी के ढाका जाने की संभावना क्यों कम?

हालांकि भारत को निमंत्रण भेजा गया है, लेकिन PM मोदी के ढाका जाने की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।

इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि 17 फरवरी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। मैक्रों का दौरा 17 से 19 फरवरी तक रहेगा और इस दौरान कई उच्चस्तरीय कार्यक्रम पहले से तय हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 17 फरवरी को ही मुंबई में PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक भी निर्धारित है। इसके अलावा मैक्रों भारत में होने वाले AI Impact Summit में भी हिस्सा लेने आ रहे हैं।

भारत की ओर से कौन जा सकता है?

सूत्रों के मुताबिक, यदि PM मोदी शपथ समारोह में नहीं जाते हैं, तो भारत की ओर से किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री या बड़े नेता को प्रतिनिधि के तौर पर भेजा जा सकता है।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर क्या असर?

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में हाल के समय में तनाव की खबरें भी सामने आती रही हैं। हालांकि नई सरकार बनने के बाद रिश्तों में सुधार की संभावना जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि BNP की जीत पर PM मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी थी और दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी।

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