अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर के बावजूद मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप का बड़ा बयान: “अभूतपूर्व हमला होगा”
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना तब तक ईरान और उसके आसपास तैनात रहेगी, जब तक कि सीजफायर समझौते का पूरी तरह पालन नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर समझौते की शर्तों का उल्लंघन हुआ, तो अमेरिका ऐसा हमला करेगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा।
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखना होगा और किसी भी प्रकार के परमाणु हथियार विकसित नहीं करने होंगे।
मिडिल ईस्ट में जारी है तनाव
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू है, लेकिन क्षेत्र में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। Israel द्वारा Lebanon में किए गए हालिया हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत और घायल होने की खबरें सामने आई हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने स्पष्ट किया है कि लेबनान इस सीजफायर समझौते का हिस्सा नहीं है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और जटिल हो गया है।
ईरान की चेतावनी: समझौता रद्द कर सकते हैं
ईरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। देश के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रोके गए, तो ईरान सीजफायर समझौते को रद्द कर सकता है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका को यह तय करना होगा कि वह शांति चाहता है या इजरायल के जरिए युद्ध जारी रखना चाहता है।
क्या फिर भड़क सकता है युद्ध?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं। एक तरफ जहां सीजफायर से उम्मीदें बनी थीं, वहीं दूसरी तरफ लगातार मिल रही धमकियां और हमले इस समझौते को कमजोर कर रहे हैं।
अगर स्थिति इसी तरह बनी रही, तो मिडिल ईस्ट में एक बड़े संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं, जहां किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं।