Eid al-Adha से पहले पड़ रही भीषण गर्मी और लू का असर अब बकरों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बड़ी संख्या में बकरे बीमार पड़ रहे हैं, जिससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। कई जगहों पर बकरों में हीट स्ट्रोक, तेज बुखार, उल्टी-दस्त और भूख न लगने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
जिला पशु चिकित्सालय में बढ़े मरीज
जिला पशु चिकित्सालयों में रोजाना बड़ी संख्या में पशुपालक अपने बीमार बकरों को लेकर पहुंच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक हर दिन करीब 10 से 12 बकरों का इलाज किया जा रहा है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जानवरों की हालत तेजी से बिगड़ रही है।
डॉक्टरों के अनुसार कई बकरों में 106 डिग्री तक बुखार दर्ज किया गया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति मानी जा रही है। लगातार गर्मी की वजह से बकरे सुस्त हो रहे हैं और खाना-पीना भी कम कर रहे हैं।
महंगे बकरों के बीमार पड़ने से बढ़ी चिंता
ईद-उल-अज़हा को देखते हुए पशुपालकों ने बाजार से महंगे दामों पर बकरे खरीदे हैं। लेकिन अचानक बढ़ती गर्मी और लू ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। कई पशुपालकों का कहना है कि अगर बकरे इसी तरह बीमार होते रहे तो कुर्बानी पर भी असर पड़ सकता है।
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार बीमार पशु की कुर्बानी को सही नहीं माना जाता। ऐसे में लोग अपने बकरों की सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
पशु चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को बकरों को सीधे धूप में न रखने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि जानवरों को ठंडी और छायादार जगह पर रखें और समय-समय पर पानी पिलाते रहें।
इसके अलावा बकरों को पौष्टिक आहार देने और ज्यादा गर्मी में बाहर न निकालने की भी सलाह दी गई है। पशु विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते सावधानी बरतने से जानवरों को हीट स्ट्रोक से बचाया जा सकता है।
बढ़ती गर्मी बनी बड़ी चुनौती
देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिल रहा है। इंसानों के साथ-साथ अब जानवर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान लगातार बढ़ने से पशुओं में बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है।