दिल्ली में हुये विस्फोट के बाद चिकित्सक भी जांच एजेंसियों के घेरे में आ गये हैं। कश्मीर के डॉक्टर्स पर खास नजर रखी जा रही है। मुरादाबाद मंडल भी जांच एजेंसिया के दायरे में आ गया है। यहां के चिकित्सकों पर भी एनआईए सहित सभी एजेंसियों की पैनी नजर है।
अमरोहा,बिजनौर व्यक्ति चिन्हित किये गये हैं, जिनका आतंकी कनेक्शन खंगालने में एजेंसिया लगी हुई हैं।

पिछले एक माह में इनकी ट्रैवल हिस्ट्री और मोबाइल कॉल डिटेल के अलावा इनके संपर्क में रहने वालों का पुलिस और एजेंसियां ब्योरा जुटा रही है। डॉक्टरों के अलावा ऐसे भी देखा जा रहा है कि पिछले कुछ समय में बार-बार दिल्ली, फरीदाबाद और जम्मू कश्मीर की तैयारी किन-किन लोगों ने की है।
मुरादाबाद में मझोला, पाकबड़ा और सिविल लाइंस क्षेत्र में डॉक्टरों की संख्या 20 से ज्यादा बताई जा रही है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि हर संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।मुरादाबाद। दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण बम धमाके और हरियाणा के फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद अब उत्तर प्रदेश की खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। मुरादाबाद मंडल में पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, मंडल में करीब 500 से अधिक कश्मीरी मूल के लोग निवासरत हैं, जिनमें से लगभग 100 डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अब जांच एजेंसियों के विशेष रडार पर हैं।
दिल्ली धमाके की जांच में कुछ डॉक्टरों के नाम सामने आने के बाद मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल और बिजनौर जिलों में पुलिस एवं खुफिया इकाइयों को सतर्क कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि एजेंसियां उन लोगों की पहचान में जुटी हैं जो बार-बार कश्मीर की यात्रा कर रहे हैं या जिनके बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल्स संदिग्ध गतिविधियों से मेल खा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर ऐसे सभी लोगों की लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी है जिनकी गतिविधियां असामान्य प्रतीत हो रही हैं। खासतौर पर प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और पैथोलॉजी लैब्स में कार्यरत कश्मीरी डॉक्टरों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई डॉक्टरों से पूछताछ भी की गई है और उनके परिचितों के नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है।