न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन डेस्क
Donald Trump की बेटी Ivanka Trump की हत्या की कथित साजिश का खुलासा होने के बाद अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक, ईरान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक आरोपी ने इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी के पास फ्लोरिडा स्थित उनके घर का ब्लूप्रिंट भी मिला है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 32 वर्षीय मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी को तुर्की से गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी कथित तौर पर ईरानी सैन्य कमांडर Qasem Soleimani की मौत का बदला लेना चाहता था।
“इवांका को मारना होगा” — जांच में बड़ा दावा
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर कई लोगों के सामने कहा था कि “इवांका को मारना होगा, ताकि ट्रंप परिवार उसी दर्द को महसूस करे।” जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी लगातार सोशल मीडिया के जरिए धमकियां देता था और ट्रंप परिवार की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उस इलाके की तस्वीरें भी पोस्ट की थीं, जहां इवांका ट्रंप और उनके पति Jared Kushner का आलीशान घर स्थित है। पोस्ट में कथित तौर पर लिखा गया था कि “सीक्रेट सर्विस भी आपको नहीं बचा पाएगी।”
18 आतंकी घटनाओं से जुड़ाव का आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, आरोपी पर यूरोप और अमेरिका में कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। जांच में एम्स्टर्डम, लंदन, टोरंटो और बेल्जियम में हुई हिंसक घटनाओं का भी जिक्र सामने आया है।
एजेंसियों का दावा है कि आरोपी के संबंध ईरान समर्थित संगठन कताइब हिज्बुल्लाह और Islamic Revolutionary Guard Corps से रहे हैं। हालांकि ईरान की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय था आरोपी
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और कई बार हथियारों की तस्वीरें साझा करता था। कोर्ट दस्तावेजों में कुछ ऐसी तस्वीरें भी शामिल बताई जा रही हैं, जिनमें वह कथित तौर पर सैन्य ठिकानों पर नजर आ रहा है।
बताया गया है कि आरोपी ने धार्मिक यात्राओं के नाम पर कई देशों की यात्रा की और इसी दौरान कथित नेटवर्क से संपर्क बनाए। फिलहाल उसे न्यूयॉर्क के एक हिरासत केंद्र में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है।
अमेरिकी एजेंसियां हाई अलर्ट पर
इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां ट्रंप परिवार की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्क हो गई हैं। जांच एजेंसियां अब आरोपी के संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और सहयोगियों की भी जांच कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।