देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी National Testing Agency पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने कहा कि सरकार और उसका तंत्र पेपर लीक माफिया के साथ मिलकर मामलों को दबाने की कोशिश कर रहा है।
जयराम रमेश ने दावा किया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार NTA के डायरेक्टर जनरल ने संसदीय समिति के सामने कहा कि NEET-UG 2026 का पेपर लीक नहीं हुआ था। कांग्रेस नेता ने इस दावे को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि परीक्षा से पहले ऐसा गेस पेपर वायरल हुआ था, जिसमें असली परीक्षा में पूछे गए कई सवाल मौजूद थे।
“अगर यह पेपर लीक नहीं तो फिर क्या है?”
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब परीक्षा से पहले प्रश्न छात्रों तक पहुंच गए थे तो इसे पेपर लीक क्यों नहीं माना जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। जयराम रमेश ने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर NEET-UG 2024 में सामने आई अनियमितताओं पर समय रहते सख्त कार्रवाई की गई होती तो 2026 में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार पहले भी परीक्षा विवादों को गंभीरता से लेने में विफल रही है।
UGC-NET 2024 का भी किया जिक्र
जयराम रमेश ने Central Bureau of Investigation की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने UGC-NET 2024 मामले का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने के बावजूद सीबीआई ने किसी भी अनियमितता से इनकार करते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अदालत द्वारा स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद जांच एजेंसियों का रवैया निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने वाला नहीं दिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी लगातार बढ़ रही है।
‘नेशनल ट्रॉमा एजेंसी’ बना NTA
कांग्रेस महासचिव ने तंज कसते हुए कहा कि NTA अब “नेशनल ट्रॉमा एजेंसी” बन चुका है। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय, CBSE, NCERT और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में पेशेवर क्षमता की बजाय वैचारिक नजदीकी को प्राथमिकता दी जा रही है। इस बीच NEET विवाद को लेकर छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल बना हुआ है।