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क्या यूपी में फिर साथ आएंगे हाथ और हाथी? BSP-कांग्रेस गठबंधन की अटकलों से गरमाई राजनीति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर “हाथ और हाथी” यानी कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती की लगातार बैठकों और कांग्रेस नेताओं के बयानों ने यूपी के सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है।

एक तरफ मायावती अपनी पार्टी को मजबूत करने और पुराने नेताओं को फिर से जोड़ने में जुटी हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता खुलकर BSP की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नई सियासी रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

मायावती का संगठन मजबूत करने पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक, बीएसपी सुप्रीमो मायावती पिछले कई महीनों से लगातार पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रही हैं। उनका मुख्य फोकस पार्टी के पुराने वोट बैंक और नेताओं को फिर से सक्रिय करना है।

मायावती ने पार्टी नेताओं को साफ निर्देश दिए हैं कि पुराने कार्यकर्ताओं और प्रभावशाली चेहरों को दोबारा BSP से जोड़ा जाए ताकि आगामी विधानसभा चुनाव मजबूती से लड़ा जा सके।

कांग्रेस ने दिए गठबंधन के संकेत

2024 लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी यूपी में पहले से ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में रहने के बावजूद कांग्रेस के कुछ नेता BSP के साथ संभावित गठबंधन की बात खुलकर करने लगे हैं।

पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने बयान देते हुए कहा कि राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि बीजेपी को हराने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। इसके बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं।

सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस के कुछ नेता अंदरखाने BSP नेतृत्व से संपर्क बनाए हुए हैं ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में संभावित गठबंधन की जमीन तैयार की जा सके।

सपा ने किया गठबंधन की खबरों से इनकार

हालांकि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस और BSP के बीच गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि इंडिया गठबंधन उत्तर प्रदेश में पूरी तरह मजबूत है और बीजेपी इस तरह की अफवाहें फैलाकर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

सपा का यह भी मानना है कि कांग्रेस BSP के नाम का इस्तेमाल कर सीट शेयरिंग में दबाव बनाने की राजनीति कर रही है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटें हासिल की जा सकें।

2027 चुनाव से पहले बदल सकते हैं समीकरण

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कई नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और BSP तीनों अलग-अलग रणनीति पर काम कर रहे हैं।

लेकिन अगर भविष्य में कांग्रेस और BSP के बीच गठबंधन होता है, तो यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

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