ईरान सरकार ने अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम को लेकर बड़ी घोषणा की है। सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई को उनकी मृत्यु के लगभग 95 दिन बाद सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही पूरे देश में तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया गया है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अंतिम विदाई समारोह में करोड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना है।
कई शहरों में होंगे स्मारक कार्यक्रम
ईरानी मीडिया के अनुसार, अंतिम संस्कार से पहले देश के कई प्रमुख शहरों में स्मारक कार्यक्रम और जनाजे के जुलूस निकाले जाएंगे। राजधानी तेहरान के अलावा धार्मिक महत्व वाले शहर क़ोम और मशहद में भी बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन कार्यक्रमों के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आखिर दफन में इतनी देरी क्यों?
आमतौर पर इस्लामी परंपराओं में किसी व्यक्ति के निधन के बाद जल्द ही अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। हालांकि, खामेनेई के मामले में अंतिम संस्कार को लंबे समय तक स्थगित रखा गया। सरकारी अधिकारियों ने इसके पीछे सुरक्षा, प्रशासनिक और राष्ट्रीय स्तर की व्यवस्थाओं को कारण बताया है। इसी वजह से अंतिम संस्कार अब लगभग तीन महीने बाद आयोजित किया जा रहा है।
तेहरान में होगा मुख्य कार्यक्रम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे बड़ा कार्यक्रम तेहरान में आयोजित किया जाएगा, जहां हजारों नहीं बल्कि लाखों और संभवतः करोड़ों लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अंतिम संस्कार स्थल के लिए तेहरान का मुसल्ला परिसर और इमाम खुमैनी का मकबरा प्रमुख विकल्पों में बताए जा रहे हैं। अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लिया जाएगा।
खामेनेई का लंबा राजनीतिक सफर
अयातुल्लाह अली खामेनेई ने तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने देश की राजनीति, विदेश नीति और धार्मिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव बनाए रखा। उनकी मृत्यु के बाद ईरान की सत्ता संरचना और नेतृत्व को लेकर भी व्यापक चर्चाएं शुरू हुई थीं।
दुनिया की नजर अंतिम संस्कार पर
खामेनेई का अंतिम संस्कार केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक माना जा रहा है। मध्य पूर्व की राजनीति पर उनके प्रभाव को देखते हुए कई देशों की नजर इस आयोजन और उसके राजनीतिक संदेशों पर टिकी हुई है। ईरानी प्रशासन इसे देश के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में से एक बनाने की तैयारी कर रहा है।