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तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक उलटफेर, अन्नामलाई ने छोड़ी बीजेपी, पार्टी ने स्वीकार किया इस्तीफा!

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी के. अन्नामलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। यह घटनाक्रम दक्षिण भारत की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

बीते कई महीनों से अन्नामलाई के पार्टी नेतृत्व से मतभेद और उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। अब उनके आधिकारिक इस्तीफे के साथ इन अटकलों पर विराम लग गया है।

दिल्ली दौरे के बाद लिया बड़ा फैसला

सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई ने इस्तीफा देने से पहले नई दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष नीतिन नवीन, संगठन महासचिव बी.एल. संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा की थी। इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला अचानक नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही असहमति का परिणाम है।

पहले से मिल रहे थे संकेत

अन्नामलाई और बीजेपी नेतृत्व के बीच मतभेदों की चर्चा पिछले कुछ समय से हो रही थी।

  • तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को जिम्मेदारी दी गई।
  • उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा।
  • CBSE की तीन-भाषा नीति को लेकर उन्होंने अलग राय रखी थी।
  • AIADMK के साथ बीजेपी के गठबंधन को लेकर भी उनकी असहमति की खबरें सामने आई थीं।

क्या बनाएंगे नई राजनीतिक पार्टी?

अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनका अगला कदम क्या होगा। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वे जल्द ही एक नए राजनीतिक आंदोलन या नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है। उनके समर्थकों के बीच पिछले कुछ दिनों से “नई राजनीतिक शुरुआत” को लेकर चर्चाएं तेज थीं।

कौन हैं अन्नामलाई?

के. अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के पूर्व IPS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अगस्त 2020 में बीजेपी जॉइन की थी। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें तमिलनाडु बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया गया और 2021 में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्यभर में संगठन को मजबूत करने का अभियान चलाया और “एन मन्न, एन मक्कल” यात्रा के जरिए व्यापक जनसंपर्क किया। उन्होंने 2021 विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि दोनों चुनावों में उन्हें सफलता नहीं मिली।

तमिलनाडु की राजनीति पर पड़ेगा असर

अन्नामलाई को बीजेपी का दक्षिण भारत में सबसे आक्रामक और लोकप्रिय चेहरों में गिना जाता रहा है। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना तमिलनाडु की राजनीति और बीजेपी की भविष्य की रणनीति दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर अन्नामलाई की अगली राजनीतिक घोषणा पर टिकी हुई है, जो राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है।

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