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TMC में बढ़ा आंतरिक संकट, पार्टी को संभालने में जुटीं ममता बनर्जी, विधायकों की बैठक बुलाई!

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही खींचतान चर्चा का विषय बनी हुई है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के अंदर असंतोष और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी पार्टी को एकजुट रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कुछ नाराज और बागी विधायकों से भी व्यक्तिगत रूप से संपर्क साधने की कोशिश की है।

पार्टी के सामने सबसे बड़ा आंतरिक संकट

करीब तीन दशक पुरानी तृणमूल कांग्रेस को पहली बार इतने बड़े आंतरिक राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असहमति खुलकर सामने आने लगी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि एक बड़ा वर्ग वर्तमान नेतृत्व शैली को लेकर सवाल उठा रहा है। इसी वजह से पार्टी नेतृत्व पर संगठन को एकजुट रखने का दबाव बढ़ गया है।

ममता बनर्जी ने बुलाई अहम बैठक

जानकारी के मुताबिक कालीघाट स्थित आवास पर होने वाली बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक और नेता शामिल हो सकते हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करना और असंतुष्ट नेताओं को मनाने का प्रयास माना जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि बैठक में शामिल होने वाले विधायकों की संख्या से पार्टी के भीतर वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकेगा।

ऋतब्रत बनर्जी के साथ विधायकों की बैठक चर्चा में

इधर विपक्ष के नेता पद की औपचारिक मान्यता मिलने के बाद ऋतब्रत बनर्जी द्वारा आयोजित बैठक भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में 58 विधायकों ने हिस्सा लिया। सूत्रों का दावा है कि असंतुष्ट विधायकों का एक बड़ा वर्ग अब अलग रणनीति पर काम कर रहा है और पार्टी के भीतर बदलाव की मांग कर रहा है।

महुआ मोइत्रा ने साधा निशाना

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं को जनता ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के नाम पर चुना, वही अब पार्टी लाइन से अलग रुख अपना रहे हैं। महुआ मोइत्रा ने कहा कि पार्टी को मिले जनादेश और मतदाताओं के भरोसे का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील भी की।

बंगाल की राजनीति पर सबकी नजर

तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही यह उठापटक पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व और बागी खेमे के बीच होने वाली बातचीत बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। फिलहाल सभी की नजर ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई बैठक और उससे निकलने वाले राजनीतिक संदेश पर टिकी हुई है। यह बैठक तय कर सकती है कि पार्टी संगठन आने वाले समय में किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

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