UP Politics: रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए घोषित मुफ्त बस यात्रा को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का वादा तो किया, लेकिन कई जगह महिलाएं बसों के लिए परेशान होती नजर आईं।
अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उनके मुताबिक वीडियो में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में महिलाओं की शिकायतें दिखाई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि रक्षाबंधन के दिन कई महिलाओं को बस नहीं मिलने, बसों में सीट उपलब्ध नहीं होने और निर्धारित स्थानों पर बसें नहीं रुकने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में बीजेपी पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि बहनों के साथ ऐसा धोखा रावण ने भी नहीं किया था। उन्होंने बीजेपी और उसके सहयोगियों पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।
सरकार ने क्या किया था ऐलान?
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए 27 अगस्त की आधी रात से 28 अगस्त की आधी रात तक यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम यानी UPSRTC की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा की थी। उनके साथ एक व्यक्ति को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई थी।
सरकार की ओर से परिवहन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए समन्वय से काम करने के निर्देश भी दिए गए थे।
‘बे-बस बहन’ के जरिए भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ‘बे-बस बहन’ का जिक्र भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुफ्त बस यात्रा का वादा किए जाने के बावजूद महिलाओं को बसों के लिए परेशान होना पड़ा।
एक अन्य X पोस्ट में उन्होंने लिखा कि रक्षाबंधन पर मुफ्त बस का वादा करके बस ही हटा दी गई। इस बयान के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर राज्य सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
रक्षाबंधन पर मुफ्त बस सेवा को लेकर सामने आया यह विवाद ऐसे समय में है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। एक ओर सरकार इस तरह की योजनाओं को महिलाओं की सुविधा और कल्याण से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहा है।
मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को लेकर महिलाओं की वास्तविक परेशानी और परिवहन व्यवस्था को लेकर सामने आए दावों पर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की सियासत में और जोर पकड़ सकता है।