अलीगंज अग्निकांड के बाद तेज हुई बयानबाजी
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस दर्दनाक घटना पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह हादसा पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का परिणाम है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि जब लोग अपने परिजनों को खो चुके हैं, तब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी करना उचित नहीं है।
अवैध निर्माण और ध्वस्तीकरण आदेश पर उठाए सवाल
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि संबंधित भवन के निर्माण, नक्शा पास कराने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तत्कालीन सरकार की पूरी मशीनरी शामिल थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में अवैध निर्माण के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और 10 मई 2016 को भवन को ध्वस्त करने का आदेश भी जारी किया गया था।
लेकिन महज दो महीने बाद, 5 जुलाई 2016 को ध्वस्तीकरण के आदेश को रद्द कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस दबाव में यह निर्णय लिया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सैटेलाइट तस्वीरों का भी दिया हवाला
ब्रजेश पाठक ने कहा कि उपलब्ध सैटेलाइट तस्वीरें यह दर्शाती हैं कि दिसंबर 2015 तक प्लॉट खाली था, जबकि फरवरी 2016 में निर्माण शुरू हुआ और जून 2016 तक भवन तैयार हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कराया गया और उस समय किसी अधिकारी की जवाबदेही तय नहीं की गई।
योगी सरकार ने उठाए त्वरित कदम
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है। सरकार का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव ने भी सरकार पर साधा निशाना
वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को भ्रष्टाचार का परिणाम बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एनओसी जारी करने में भ्रष्टाचार हुआ है और इसी वजह से लोगों की जान गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में यह पहली ऐसी घटना नहीं है और सरकार को जवाब देना चाहिए कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।