रियाद/सना | 14 अक्टूबर 2026 | Dream Sankalp News
सऊदी अरब में तेल कंपनी अरामको की एक प्रशासनिक इमारत पर मिसाइल हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, देश के पूर्वी प्रांत में स्थित इमारत को निशाना बनाया गया, जहां हमले के बाद आग लग गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। यह घटनाक्रम सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सामने आया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार रात सऊदी अरब और यमन में हूती-नियंत्रित क्षेत्रों के आसपास हमलों की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, अरामको की इमारत पर हुए हमले की जिम्मेदारी और उससे जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।
मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर अलर्ट
हमले से पहले सऊदी अरब ने राजधानी रियाद और पूर्वी प्रांत की दिशा में आने वाली मिसाइलों को लेकर अलर्ट जारी किए थे। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसने रियाद, वादी अल-दवासिर और अन्य क्षेत्रों की ओर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया।
रियाद के कुछ निवासियों ने धमाकों की आवाजें सुनने की जानकारी भी दी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहना पड़ रहा है।
यमन की राजधानी सना में भी हवाई हमले
इससे पहले मंगलवार को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर हवाई हमले किए थे। हूती संचालित मीडिया और स्थानीय निवासियों के मुताबिक, शहर के पश्चिमी हिस्से में सुबाहा ईंधन केंद्र को निशाना बनाए जाने के कुछ घंटे बाद कई जोरदार धमाके सुनाई दिए।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोही यमनी ऑयल कंपनी की सुविधाओं और भूमिगत ईंधन डिपो का इस्तेमाल मिसाइलों तथा ड्रोन के भंडारण के लिए कर रहे थे। गठबंधन ने संभावित हमले से पहले संबंधित स्थानों और आसपास के भंडारण क्षेत्रों को खाली करने की चेतावनी भी दी थी।
पेट्रोल पंपों पर लगीं वाहनों की कतारें
हमलों के बीच ईंधन की उपलब्धता को लेकर भी लोगों में चिंता देखी गई। यमनी ऑयल कंपनी ने कहा कि उसकी भंडारण सुविधाएं खाली थीं और हमले से तेल के भंडार या स्थानीय लोगों को होने वाली आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा।
इसके बावजूद, संभावित कमी की आशंका से कुछ पेट्रोल पंपों पर कारों की लंबी कतारें लग गईं। यह स्थिति दिखाती है कि सैन्य संघर्ष के दौरान ईंधन आपूर्ति को लेकर आशंकाएं आम लोगों के व्यवहार और बाजार पर असर डाल सकती हैं।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने चेतावनी दी कि सना पर किसी भी सऊदी हमले का जवाब रियाद में कड़े तरीके से दिया जाएगा। इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच आगे तनाव बढ़ने की आशंका को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
रियाद से दूसरे हवाई अड्डों पर भेजे गए विमान
संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए कुछ एयरलाइंस ने अपने विमानों को रियाद से दूसरे हवाई अड्डों पर स्थानांतरित किया। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में विमानन कंपनियां सुरक्षा जोखिमों और बीमा संबंधी चिंताओं के आधार पर परिचालन से जुड़े फैसले ले सकती हैं।
वॉशिंगटन स्थित न्यू अमेरिका इंस्टीट्यूट के फेलो एडम बैरन ने इस घटनाक्रम को सऊदी अरब की ओर से तनाव बढ़ने के संभावित संकेत के रूप में देखा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यमन में किए गए हमले हालिया घटनाओं की प्रतिक्रिया थे या किसी व्यापक सैन्य रणनीति का हिस्सा।
फिलहाल अरामको की इमारत पर हमले, मिसाइलों को रोकने के सऊदी दावों और यमन में हुई सैन्य कार्रवाई के बीच घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में तनाव का असर सुरक्षा व्यवस्था, विमानन और ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताओं के रूप में सामने आ रहा है।