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रामगंगा तट पर राम-केवट संवाद का भावपूर्ण मंचन, भक्ति में डूबे श्रद्धालु

लालबाग में रंग-बिरंगी रोशनी से सजी नाव पर हुआ राम के नदी पार करने का मंचन, वैष्णवी कला मंच के कलाकारों ने जीवंत किए रामायण के प्रसंग

मुरादाबाद। लाइनपार स्थित रामलीला मैदान में रामलीला मैनेजिंग कमेटी (रजि.) की ओर से आयोजित रामलीला के नौवें दिन भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। लालबाग स्थित रामगंगा नदी के तट पर राम और केवट के बीच संवाद आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। इस प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कलाकारों के अभिनय और संवादों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

रामगंगा तट पर साकार हुआ राम-केवट संवाद

रामलीला के दौरान लालबाग स्थित रामगंगा नदी के तट पर भगवान श्रीराम और केवट के संवाद का मंचन किया गया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजी नाव में भगवान राम के नदी पार करने के प्रसंग को कलाकारों ने आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान केवट की भक्ति, समर्पण और भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। प्रसंग की भावनात्मक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कलाकारों के अभिनय ने जीवंत किए धार्मिक प्रसंग

राम-केवट संवाद के दौरान कलाकारों के हाव-भाव और प्रभावशाली संवादों ने रामायण के प्रसंग को जीवंत कर दिया। भगवान राम के प्रति केवट की श्रद्धा और सेवा भावना को देखकर दर्शक भावविभोर नजर आए। रामगंगा तट पर हुए इस मंचन ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से मंचन का आनंद लिया।

रामलीला मैदान में निषादराज संवाद का मंचन

रामगंगा तट पर मंचन के बाद लाइनपार स्थित रामलीला मैदान में निषादराज संवाद, केवट उद्धार सहित रामायण के अन्य धार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किए गए। वृंदावन की परंपरा से जुड़े वैष्णवी कला मंच के कलाकारों ने आकर्षक वेशभूषा और सजीव अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों की प्रस्तुति ने रामायण की घटनाओं को मंच पर प्रभावशाली रूप में सामने रखा।

भक्ति और सेवा का संदेश देती है रामलीला

रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंग सत्य, मर्यादा, त्याग, सेवा और कर्तव्य के महत्व को रेखांकित करते हैं। राम-केवट संवाद के माध्यम से भक्ति, विनम्रता और समर्पण का संदेश दिया गया। आयोजन में पहुंचे श्रद्धालुओं ने धार्मिक प्रसंगों के जरिए भगवान राम के आदर्शों को समझा।

कमेटी के पदाधिकारियों ने संभाली व्यवस्थाएं

कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में रामलीला मैनेजिंग कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों का सहयोग रहा। व्यवस्थाओं में अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, मंत्री बंसल, रोहित बंसल, अतुल अग्रवाल, संदीप बंसल, प्रदीप बंसल, रोबिन अग्रवाल और अंशुल अग्रवाल सहित कमेटी के अन्य सदस्यों की विशेष भूमिका रही। रामलीला के मंचन ने धार्मिक आस्था के साथ शहर की सांस्कृतिक परंपरा को भी मजबूती प्रदान की।

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