राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य
एजेंसी। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कर दिया है। उनका कहना है कि यह निर्णय भारत माता के प्रति श्रद्धा और गौरव की भावना को प्रेरित करेगा और उन्होंने इसके विरोध को भारत की एकता के खिलाफ बताया। यह घोषणा प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बीच आई है जिसमें उन्होंने 1937 में वंदे मातरम के महत्वपूर्ण छंदों को हटाए जाने का जिक्र किया था, जिससे राजनीतिक विवाद गहरा गया है

गोरखपुर में रविवार को गोरखपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि अब प्रदेश के सभी विद्यालयों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और संस्कृति का प्रतीक है, जो हमें अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 1937 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ के कुछ महत्वपूर्ण छंदों को तुष्टिकरण की नीति के चलते हटा दिया गया था। इसके बाद केवल प्रारंभिक अंशों का ही विद्यालयों और सरकारी आयोजनों में गायन किया जाता रहा, जबकि संपूर्ण गीत में भारत भूमि को ‘भारत माता’ के रूप में संबोधित करते हुए मातृभूमि की आराधना की गई है।
योगी ने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जुड़ना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘वंदे मातरम’ का संपूर्ण गायन किया जाएगा, जिसमें वे सभी छंद शामिल होंगे जिन्हें पूर्व में हटाया गया था। इन छंदों में मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती की वंदना के पद शामिल हैं, जो भारतीय जीवन दर्शन के तीन मुख्य स्तंभों – शक्ति, समृद्धि और ज्ञान – का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “भारत भूमि को मां के रूप में पूजने की परंपरा हजारों वर्षों से हमारी संस्कृति का आधार रही है। जब हम ‘वंदे मातरम’ कहते हैं, तो यह केवल शब्द नहीं बल्कि एक भाव है — अपनी मातृभूमि के प्रति निष्ठा, प्रेम और बलिदान का प्रतीक।” उन्होंने कहा कि इस गीत में मां दुर्गा का रूप धरती की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है, मां लक्ष्मी धन-वैभव की अधिष्ठात्री देवी हैं और मां सरस्वती ज्ञान एवं विवेक की अधिष्ठात्री देवी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन छात्रों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत करेगा तथा उन्हें अपनी संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत का संपूर्ण गायन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि “हमारे राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ दोनों ही भारतीय एकता और अखंडता के प्रतीक हैं। राष्ट्रगान राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है, वहीं ‘वंदे मातरम’ राष्ट्र की आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है। दोनों का गायन युवाओं में राष्ट्रीय चेतना का संचार करेगा।”
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण स्वरूप न केवल विद्यालयों में बल्कि सभी शासकीय आयोजनों में भी गूंजेगा। उन्होंने कहा कि “यह राष्ट्र की अस्मिता और भारतीयता का घोष बनेगा।”
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। मंच से ‘वंदे मातरम’ के संपूर्ण स्वरूप का सामूहिक गायन भी किया गया, जिसके साथ ही पूरे सभागार में देशभक्ति का माहौल गूंज उठा।