नई दिल्ली — मेक्सिको ने भारतीय सामान पर 50% तक टैरिफ लगाने का फैसला किया है। लेटिन अमेरिकी देश की संसद (सीनेट) ने इससे जुड़े बिल को मंजूरी दे दी है। यह नया टैरिफ 2026 से लागू होगा और भारत, चीन सहित कई एशियाई देशों से आने वाले उत्पादों पर असर डालेगा। खास बात यह है कि मेक्सिको में भारतीय मोटरसाइकिलें बेहद लोकप्रिय हैं और हाल के वर्षों में भारत-मेक्सिको व्यापार में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Highlights
- मेक्सिको ने भारत सहित एशियाई देशों के सामान पर 50% तक बढ़ा टैरिफ
- ऑटो, ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल, स्टील जैसे सेक्टर होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
- 2026 से लागू होंगे नए नियम, सरकार को 3.76 अरब डॉलर अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद
- 2024 में भारत का मेक्सिको को निर्यात 8.98 अरब डॉलर, ट्रेड सरप्लस में भारत
Mexico Tariff on India: क्या है फैसला?
अमेरिका के बाद अब मेक्सिको ने भी भारतीय उत्पादों पर सख्त व्यापारिक कदम उठाया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मेक्सिको ने यह फैसला घरेलू उत्पादकों की सुरक्षा के लिए लिया है। यह कदम USMCA (United States–Mexico–Canada Agreement) की अहम समीक्षा से पहले उठाया गया है।
नए नियमों के तहत जिन देशों के साथ मेक्सिको का कोई मुक्त व्यापार समझौता नहीं है, वहां से आने वाले सामानों पर नए या ऊंचे शुल्क लगाए जाएंगे। इनमें भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया शामिल हैं।
किन उत्पादों पर लगेगा 50% टैरिफ?
मेक्सिको सरकार के मुताबिक, 2026 से इन प्रमुख सेक्टरों पर 50% तक टैरिफ लगाया जाएगा—
- ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स
- टेक्सटाइल और कपड़े
- प्लास्टिक
- स्टील
जबकि अन्य अधिकांश उत्पादों पर 35% तक शुल्क सीमित रहेगा। सरकार को उम्मीद है कि टैरिफ में बदलाव से अगले साल 3.76 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे राजकोषीय घाटा कम करने में मदद मिलेगी।
भारत-मेक्सिको व्यापार: आंकड़े क्या कहते हैं?
भारत और मेक्सिको के बीच व्यापार में हाल के वर्षों में काफी तेज़ी आई है।
- 2020: भारत से निर्यात — 4.25 अरब डॉलर
- 2024: भारत से निर्यात — 8.98 अरब डॉलर (लगभग दोगुना)
- 2023: साल-दर-साल निर्यात वृद्धि — 6.5%
वहीं, मेक्सिको से भारत का आयात 2024 में 2.74 अरब डॉलर रहा। इस तरह भारत इस देश के साथ ट्रेड सरप्लस की स्थिति में है।
भारतीय बाइक्स और ऑटो सेक्टर पर असर
भारत मेक्सिको को मुख्य रूप से—
- मोटरसाइकिल और वाहन
- ऑटो पार्ट्स
- बिजली के उपकरण
- मशीनरी
- ऑर्गेनिक केमिकल
- एल्युमीनियम
- दवाइयां
निर्यात करता है। खासकर दो और तीन पहिया वाहन और ऑटो पार्ट्स दोनों देशों के व्यापार की रीढ़ हैं। ऐसे में 50% टैरिफ से भारतीय ऑटो कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव आ सकता है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत के निर्यातकों के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि, भारत और मेक्सिको के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों को देखते हुए कूटनीतिक और व्यापारिक बातचीत के जरिए समाधान निकलने की संभावना भी जताई जा रही है।