वॉशिंगटन। वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब एक नए सियासी डर के साये में नजर आ रहे हैं। अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत लिए गए आक्रामक फैसलों से जहां एक ओर ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है, वहीं अब उन्हें अपने ही देश में महाभियोग (Impeachment) का डर सताने लगा है। ट्रंप को आशंका है कि अगर उनकी पार्टी रिपब्लिकन मिडटर्म चुनाव हार गई, तो उनका राष्ट्रपति पद खतरे में पड़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के रिपब्लिकन सांसदों की एक बैठक को संबोधित करते हुए मिडटर्म चुनावों को ‘रेड लाइन’ करार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में बहुमत खो देती है, तो डेमोक्रेटिक पार्टी उनके खिलाफ तुरंत महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। ट्रंप ने कहा, “अगर हम मिडटर्म चुनाव हार गए, तो वे मुझे हटाने का कोई न कोई कारण ढूंढ लेंगे।”
असल में, अमेरिका में राष्ट्रपति को पद से हटाना आसान नहीं होता, लेकिन मिडटर्म चुनाव हारने से सत्ता संतुलन पूरी तरह बदल सकता है। यदि प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिल जाता है, तो उन्हें महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने का संवैधानिक अधिकार मिल जाएगा। यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप मिडटर्म चुनावों को लेकर बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला अटैक जैसे फैसले ट्रंप के खिलाफ विपक्ष को और आक्रामक बना सकते हैं। ऐसे में मिडटर्म चुनाव न केवल ट्रंप की नीतियों की परीक्षा होंगे, बल्कि उनके राष्ट्रपति पद के भविष्य को भी तय कर सकते हैं। यही कारण है कि ट्रंप लगातार अपनी पार्टी को एकजुट रहने और हर हाल में चुनाव जीतने का संदेश दे रहे हैं।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में होते हैं और इन्हें सत्ता का सेमीफाइनल माना जाता है। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर मतदान होता है। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर और स्थानीय निकायों के चुनाव भी होते हैं, जिससे इसका राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।