Bird Flu Alert in Bihar | Bhagalpur News 2026
बिहार से एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। भागलपुर ज़िले के नवगछिया इलाके में बर्ड फ्लू (Avian Influenza) की पुष्टि हुई है। इलाके में बड़ी संख्या में कौवे मृत पाए गए थे, जिसके बाद कराई गई जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं।
जांच में हुई बर्ड फ्लू की पुष्टि
ज़िला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा ने जानकारी दी कि मृत कौवों के सैंपल लैब भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जैसे ही रिपोर्ट सामने आई, प्रभावित इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई और संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया।
प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट
बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद नवगछिया और आसपास के क्षेत्रों में:
- स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीमें सक्रिय
- पक्षियों की निगरानी तेज
- पोल्ट्री फार्मों की विशेष जांच
- हालात पर 24×7 नजर
जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने साफ तौर पर लोगों से अपील की है कि:
- किसी भी बीमार या मृत पक्षी को न छुएं
- कहीं पक्षी मरे मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें
- बिना सुरक्षा उपकरण मृत पक्षियों को हटाने से बचें
साथ ही, जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में कंटेनमेंट ज़ोन बनाने की भी तैयारी की जा रही है।
पोल्ट्री फार्म पर खास नजर
मुर्गी फार्म संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने और किसी भी तरह की बीमारी की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। पोल्ट्री सेक्टर में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
बर्ड फ्लू क्या है? (Bird Flu Explained)
बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है, एक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करती है। यह इन्फ्लुएंजा A वायरस (जैसे H5N1) के कारण फैलती है।
इंसानों में कैसे फैलता है?
- संक्रमित या बीमार पक्षियों के संपर्क से
- उनकी लार, मल या सांस से निकले कणों से
- आंख, नाक या मुंह के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है
इसके लक्षण क्या हैं?
- बुखार
- खांसी, गले में खराश
- नाक बहना, आंखों में जलन
- बदन दर्द, थकान
- गंभीर मामलों में निमोनिया या सांस की दिक्कत
क्या रखें सावधानी?
- मृत/बीमार पक्षियों को बिना सुरक्षा न छुएं
- मांस और अंडे अच्छी तरह पकाकर खाएं
- दूध उबालकर या पाश्चराइज करके पिएं
- जोखिम वाले काम में सुरक्षा उपकरण पहनें
प्रशासन का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है।