मस्कट/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत का पहला दौर पूरा हो गया है। बातचीत में दोनों पक्ष आगे वार्ता जारी रखने पर सहमत हुए हैं, हालांकि हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इस बातचीत में दोनों देश आमने-सामने नहीं बैठे। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने संदेशवाहक की भूमिका निभाई। ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची, जबकि अमेरिका की तरफ से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर शामिल रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर की मौजूदगी ने इस बैठक के सैन्य महत्व को और बढ़ा दिया।
बातचीत से पहले माहौल बेहद गर्म था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते को लेकर चेतावनी दी थी, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की ओर से भी सख्त संकेत दिए गए। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करेगा, जबकि मिसाइल प्रोग्राम, क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकार जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल करने से उसने इनकार कर दिया।
इसी बीच, बातचीत खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान पर नए तेल प्रतिबंध लगा दिए। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी तेल ढोने वाले 14 जहाजों और कई कंपनियों को निशाना बनाया गया है। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा है कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, इसे एक “सकारात्मक लेकिन सतर्क शुरुआत” माना जा रहा है, जो जंग टालने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।