मेरठ के दौराला क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने प्रशासन को अलर्ट मोड में ला दिया है और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मंदिर-मस्जिदों से कराई गई मुनादी
घटना के बाद प्रशासन ने अनोखा कदम उठाते हुए कस्बे के मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से मुनादी करवाई।
घोषणा में लोगों से अपील की गई कि वे फिलहाल शराब न खरीदें और यदि खरीद चुके हैं तो उसका सेवन बिल्कुल न करें। इस चेतावनी के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
ठेका सील, कई लोग हिरासत में
प्रशासन ने संबंधित देसी शराब के ठेके को सील कर दिया है। पुलिस ने ठेका संचालक और दो सेल्समैन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि शराब में मिलावट कहां और कैसे हुई।
कैसे हुई घटना?
जानकारी के मुताबिक, तीन लोगों—बाबूराम, अंकित और जितेंद्र—ने एक साथ शराब का सेवन किया था।
कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक निरीक्षण किया।
उन्होंने जांच एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए।
जांच के तीन बड़े बिंदु
अधिकारियों ने जांच के लिए तीन मुख्य बिंदु तय किए हैं:
- शराब की खेप कहां से आई
- मिलावट किस स्तर पर हुई
- निगरानी में कहां चूक हुई
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गुस्सा देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा था, लेकिन शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन का आश्वासन
अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया है।
साथ ही यह भी कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ की यह घटना एक बार फिर अवैध शराब के खतरे को उजागर करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी सख्ती से लगाम लगा पाता है।