नई दिल्ली: लोकसभा में बजट पर चर्चा जारी है, लेकिन संसद का माहौल अब सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा। बुधवार को कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने से जुड़े प्रस्ताव को लेकर नोटिस दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राहुल गांधी के एक बयान पर सरकार और बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है।
राहुल गांधी के भाषण पर विवाद क्यों?
बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने राजनीति की तुलना मार्शल आर्ट से करते हुए कहा था कि जैसे खेल में ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ जैसी तकनीकें होती हैं, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं, जो दिखाई नहीं देतीं।
राहुल के इस बयान के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Privilege Breach) की कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव क्या होता है?
संसद सदस्यों को उनके कार्य निष्पादन के लिए कुछ विशेष अधिकार दिए जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति या सदस्य:
- सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाए
- असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करे
- बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाए
- संसद की कार्यवाही को बाधित करे
तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जा सकता है।
यदि प्रस्ताव सदन में औपचारिक रूप से स्वीकार होता है, तो मामला संसदीय समिति और आगे की कार्रवाई तक जा सकता है। कुछ मामलों में यह सांसद की सदस्यता पर भी असर डाल सकता है।
BJP का तीखा हमला: “प्रमाण नहीं देंगे तो प्रस्ताव लाएंगे”
बीजेपी सांसद और चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“अगर राहुल गांधी आज अपने दावों का प्रमाण नहीं देते, तो हम उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लेकर आएंगे।”
उनका यह बयान उस समय आया जब राहुल गांधी के भाषण को लेकर लोकसभा सचिवालय में शिकायत भेजे जाने की बात सामने आई।
रूल 380 के तहत नोटिस, रिकॉर्ड से शब्द हटाने की मांग
लोकसभा नियमावली के अनुसार Rule 380 (Expungement of words) के तहत राहुल गांधी के भाषण के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने के लिए नोटिस दिया गया है।
नोटिस में आरोप है कि राहुल गांधी ने:
- असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया
- तथ्यों पर आधारित न होने वाले आरोप लगाए
- सदन की मर्यादा का उल्लंघन किया
इसी वजह से रिकॉर्ड से शब्द हटाने की मांग की गई है।
लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित
गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हुआ और कुछ ही मिनटों में सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। बजट चर्चा के बीच यह विवाद अब संसद के भीतर और बाहर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
अगर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव औपचारिक रूप से आगे बढ़ता है, तो यह राहुल गांधी के लिए:
- संसदीय स्तर पर
- राजनीतिक स्तर पर
- और कानूनी स्तर पर
तीनों मोर्चों पर बड़ी चुनौती बन सकता है।