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Jeffrey Epstein Death: जेल में हत्या हुई या आत्महत्या? पोस्टमार्टम में मौजूद डॉक्टर के दावे ने फिर बढ़ाया विवाद

दुनिया भर में हाई-प्रोफाइल लोगों से जुड़े सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क के आरोपी जेफरी एप्सटीन की मौत को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। एप्सटीन की न्यूयॉर्क जेल में मौत को 7 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद रहे डॉक्टर डॉ. माइकल बैडेन के नए दावों ने केस को फिर चर्चा में ला दिया है।

डॉ. बैडेन ने एक इंटरव्यू में दोहराया है कि उनके अनुसार एप्सटीन की मौत फांसी लगाकर आत्महत्या से ज्यादा गला घोंटकर हत्या जैसी लगती है।

2019 में जेल में मिला था शव

अगस्त 2019 में जेफरी एप्सटीन न्यूयॉर्क के Metropolitan Correctional Center में फेडरल सेक्स ट्रैफिकिंग केस में ट्रायल का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान वह अपने सेल में मृत मिला।

तत्कालीन मेडिकल एग्जामिनर की रिपोर्ट में मौत को suicide by hanging बताया गया था। हालांकि, उस वक्त से ही इस केस को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आती रही हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर क्यों उठ रहे सवाल?

डॉ. माइकल बैडेन का कहना है कि पोस्टमार्टम में एप्सटीन की गर्दन में तीन हड्डियों के फ्रैक्चर पाए गए थे—

  • 1 फ्रैक्चर हायोइड बोन में
  • 2 फ्रैक्चर थायरॉइड कार्टिलेज में

डॉक्टर के मुताबिक, ऐसे फ्रैक्चर आमतौर पर स्ट्रैंगुलेशन (गला घोंटना) के मामलों में ज्यादा दिखते हैं, जबकि आत्महत्या में यह पैटर्न सामान्य नहीं माना जाता।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके लंबे अनुभव में हिरासत में हुई आत्महत्याओं में इस तरह की चोटें दुर्लभ हैं।

मेडिकल एग्जामिनर पोस्टमार्टम के वक्त मौजूद नहीं थीं?

रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. बैडेन ने यह भी दावा किया कि पोस्टमार्टम के समय मुख्य मेडिकल एग्जामिनर बारबरा सैम्पसन मौजूद नहीं थीं।

हालांकि, बाद में बारबरा सैम्पसन ने मृत्यु को आत्महत्या ही घोषित किया और अब तक उसी निष्कर्ष पर कायम हैं।

जेल की सुरक्षा चूक ने बढ़ाया शक

एप्सटीन केस में जेल प्रशासन की कई चूक भी सामने आई थी। अमेरिकी न्याय विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक—

  • अनिवार्य 30 मिनट के अंतराल पर जांच कई घंटों तक नहीं हुई
  • बाद में गार्डों ने स्वीकार किया कि उन्होंने रिकॉर्ड में हेराफेरी की
  • मौत से एक रात पहले एप्सटीन के सेलमेट को हटा दिया गया और नया सेलमेट नहीं दिया गया

इन घटनाओं ने आत्महत्या की कहानी पर संदेह को और बढ़ा दिया।

वीडियो लॉग में दिखी “नारंगी चमक”

एक और बड़ा सवाल जेल के वीडियो फुटेज को लेकर उठा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो लॉग में एप्सटीन की मौत की रात एक “नारंगी रंग की चमक” दिखाई दी।

एफबीआई के एक मेमो में इसे संभवतः किसी कैदी से जोड़ा गया, जबकि महानिरीक्षक की रिपोर्ट में इसे कपड़ा लिए हुए किसी अज्ञात सुधार अधिकारी की तरह बताया गया।

अब फिर जांच की मांग

डॉ. माइकल बैडेन ने अब फिर से इस मामले में गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मौत के कारण और तरीके पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले और जांच जरूरी है।

एप्सटीन की मौत लंबे समय से वैश्विक स्तर पर कॉनस्पिरेसी थ्योरी का हिस्सा रही है, क्योंकि उसके नेटवर्क से कई बड़े नाम जुड़े बताए जाते रहे हैं।

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