वैश्विक तनाव के बीच ब्रिटेन का बड़ा कदम
मिडिल ईस्ट में Iran और Israel के बीच जारी संघर्ष के बीच अब यूरोप में भी तनाव बढ़ता दिख रहा है। United Kingdom के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है।
‘शैडो फ्लीट’ पर कार्रवाई का आदेश
ब्रिटिश सरकार ने अपनी सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे रूस के प्रतिबंधित “शैडो फ्लीट” यानी गुप्त तेल टैंकरों को जब्त करें। इन जहाजों पर आरोप है कि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेल का परिवहन कर रहे हैं।
इस आदेश के तहत, ब्रिटिश जलक्षेत्र से गुजरने वाले संदिग्ध जहाजों को रोका जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुतिन पर सीधा हमला
Keir Starmer ने कहा कि Vladimir Putin मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात से खुश हैं, क्योंकि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से उन्हें आर्थिक फायदा हो सकता है।
उन्होंने साफ कहा कि ब्रिटेन रूस को इस स्थिति का फायदा नहीं उठाने देगा और उसकी ‘वॉर मशीन’ को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
यूक्रेन युद्ध से जुड़ा बड़ा संदेश
ब्रिटेन का यह कदम सीधे तौर पर Ukraine में चल रहे युद्ध से भी जुड़ा है। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि रूस इन गुप्त तेल टैंकरों के जरिए युद्ध के लिए फंड जुटा रहा है।
इसलिए इन जहाजों पर कार्रवाई कर रूस की आर्थिक ताकत को सीमित करने की कोशिश की जा रही है।
ईरान के परमाणु संयंत्र पर विवाद
इस बीच, Russia ने Bushehr Nuclear Power Plant पर कथित हमले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। यह संयंत्र रूस की मदद से बना है और इसके संचालन में भी उसकी भूमिका रही है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक” बताया है।
बढ़ता वैश्विक टकराव
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और यूरोप में बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है, तो इसका असर ऊर्जा बाजार, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।