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22 फरवरी तक ईरान पर हमला कर सकता है अमेरिका? ट्रंप का फैसला बाकी, दुनिया में बढ़ी बेचैनी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना 22 फरवरी तक यानी इस वीकेंड ईरान पर संभावित हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है, जिससे दुनिया भर में चिंता और अनिश्चितता बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार व्हाइट हाउस को यह जानकारी दे दी गई है कि अगर आदेश मिलता है तो अमेरिकी सेना कुछ ही घंटों में सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकती है। इसी वजह से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की सैन्य तैनाती लगातार बढ़ाई जा रही है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी ताकत

बीते कुछ दिनों में अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी वायु और नौसैनिक शक्ति को काफी मजबूत किया है। दुनिया के सबसे आधुनिक विमानवाहक पोतों में शामिल USS Gerald R Ford को भी क्षेत्र में भेजे जाने की तैयारी बताई जा रही है। इसके अलावा ब्रिटेन में तैनात अमेरिकी फाइटर जेट्स और एयर टैंकर विमानों को भी मिडिल ईस्ट की ओर रवाना किया जा रहा है।

एक अमेरिकी सूत्र ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और वह सैन्य कार्रवाई के पक्ष-विपक्ष के तर्क सुन रहे हैं।

जिनेवा बातचीत से उम्मीद, लेकिन डील नहीं

मंगलवार को जिनेवा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच करीब 3.5 घंटे की अप्रत्यक्ष बातचीत हुई। ईरान ने दावा किया कि कुछ “मार्गदर्शक सिद्धांतों” पर सहमति बनी है, लेकिन अमेरिकी पक्ष का कहना है कि कई अहम मुद्दों पर बातचीत अभी बाकी है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि ट्रंप की पहली प्राथमिकता कूटनीति है, लेकिन सैन्य विकल्प भी पूरी तरह मेज पर मौजूद है।

ईरान पर परमाणु दबाव बढ़ा

इजरायल लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों को मजबूत कर रहा है। कई जगहों पर कंक्रीट और मिट्टी की मोटी परत डालकर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है ताकि संभावित हवाई हमलों से बचाव किया जा सके।

इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 28 फरवरी को इजरायल जाने वाले हैं, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में ईरान को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी।

ट्रंप का अगला कदम क्या होगा?

फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि अगर हमला होता है तो उसका लक्ष्य क्या होगा। उन्होंने केवल इतना कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले कुछ दिन बेहद निर्णायक होंगे। यदि बातचीत में ठोस प्रगति नहीं होती तो मिडिल ईस्ट एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकता है। वहीं, अगर कूटनीति सफल रही तो अंतिम समय पर युद्ध टलने की संभावना भी बनी रहेगी।

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