उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार दिवसीय विदेश दौरे पर सिंगापुर और जापान जा रहे हैं। इस दौरान वे 33 वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार पर चर्चा करेंगे।
यह दौरा 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान में प्रस्तावित है।
निवेश कूटनीति पर फोकस
सीएम योगी गवर्नमेंट-टू-बिजनेस (G2B) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग्स के जरिए निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वे प्रदेश की औद्योगिक नीति, बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, क्लीन एनर्जी और एग्रीबिजनेस जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को प्रस्तुत करेंगे।
सिंगापुर में 25 कंपनियों से मुलाकात
सिंगापुर दौरे में मुख्यमंत्री Google और ST Telemedia Global Data Centres के साथ डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा करेंगे।
एग्रीबिजनेस के क्षेत्र में Olam International और Japfa Group से बातचीत होगी।
लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर Mapletree Investments और Sembcorp Industries के साथ संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
वहीं, निवेश फंड्स जैसे Temasek Holdings और Blackstone Inc. के साथ पूंजी निवेश पर चर्चा होगी।
जापान में औद्योगिक सहयोग
जापान यात्रा के दौरान ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और हाई-टेक सेक्टर में निवेश आकर्षित करने पर जोर रहेगा। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विदेशी निवेश के जरिए यूपी को निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाया जाए।
दूसरी विदेश यात्रा
2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद यह योगी आदित्यनाथ की दूसरी विदेश यात्रा है। इससे पहले वे म्यांमार गए थे। यह दौरा उत्तर प्रदेश की निवेश रणनीति और औद्योगिक विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।