मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष अब और गंभीर होता जा रहा है। United States और Iran के बीच जारी युद्ध में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है, जिससे मरने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि युद्ध के शुरुआती दिनों में ही साफ हो गया कि ईरान को कमजोर समझना एक बड़ी रणनीतिक गलती साबित हुई है।
सऊदी अरब में हमले में घायल सैनिक की मौत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार 1 मार्च को Saudi Arabia में स्थित एक सैन्य ठिकाने पर ईरानी हमले में एक अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे बेहतर इलाज के लिए जर्मनी भेजने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन शनिवार रात उसकी मौत हो गई।
इससे पहले छह अमेरिकी सैनिकों की मौत Kuwait के शुआइबा पोर्ट पर हुए ईरानी ड्रोन हमले में हो चुकी थी।
युद्ध में बढ़ रहा है जान-माल का नुकसान
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधियों के अनुसार अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान में मरने वालों की संख्या 1300 से ज्यादा हो चुकी है।
वहीं क्षेत्र के कई अन्य देशों में भी इस युद्ध का असर देखने को मिल रहा है।
अमेरिका ने ईरान को कम आंका
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान की सैन्य क्षमता का गलत आकलन किया।
विश्लेषकों के अनुसार Donald Trump प्रशासन को उम्मीद थी कि Ali Khamenei की मौत के बाद ईरान कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन इसके उलट ईरान ने हमले और तेज कर दिए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पहले ईरान अक्सर हमले से पहले चेतावनी देता था, लेकिन इस बार हमले अचानक और बड़े पैमाने पर किए जा रहे हैं।
युद्ध खत्म करने पर ट्रंप और नेतन्याहू करेंगे फैसला
इस बीच ट्रंप ने कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा इसका फैसला वह और Benjamin Netanyahu मिलकर करेंगे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि यह फैसला “म्यूचुअल” होगा, हालांकि अंतिम निर्णय उनका ही होगा। वहीं White House के अनुसार यह युद्ध अभी चार से छह हफ्ते तक और चल सकता है।