नई दिल्ली:
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए भारत के झंडे वाले टैंकरों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है।
सूत्रों के अनुसार भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच हुई बातचीत के बाद यह सहमति बनी है।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण पिछले कई दिनों से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी चिंता बढ़ गई थी।
होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरे भारतीय टैंकर
रिपोर्ट के अनुसार भारत के दो टैंकर पुष्पक और परिमल इस अहम समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजर चुके हैं। यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े कई जहाजों की आवाजाही पर अब भी रोक लगी हुई है।
इसके अलावा सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आ रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर भी हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट पार कर मुंबई पोर्ट पहुंचा था। उस जहाज का कैप्टन भी भारतीय बताया गया है।
क्यों इतना अहम है होर्मुज स्ट्रेट
Strait of Hormuz ईरान और ओमान के बीच करीब 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है।
यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त शिपिंग रूट में से एक माना जाता है। आमतौर पर हर दिन करीब 13 मिलियन बैरल तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा है।
अगर इस मार्ग पर ट्रैफिक रुकता है तो इराक, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के बड़े बंदरगाहों पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि दुनिया भर के ऊर्जा बाजार इस क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखते हैं।
ईरान का बयान
ईरान ने स्पष्ट किया है कि जो जहाज अमेरिका और इजरायल के हितों के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें इस समुद्री रास्ते से सुरक्षित गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह फैसला भारत के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि भारत की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है।