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ट्रंप के खिलाफ वैश्विक विरोध, ‘No Kings’ रैलियों में उमड़ा जनसैलाब!

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ विरोध अब वैश्विक स्तर पर फैलता नजर आ रहा है। शनिवार को अमेरिका के सभी 50 राज्यों और यूरोप के कई हिस्सों में ‘No Kings’ रैलियों का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।

प्रदर्शनकारियों ने “ताज उतारो, जोकर” और “नो किंग्स” जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।

वाशिंगटन से मिनेसोटा तक विरोध प्रदर्शन

वाशिंगटन डीसी में प्रदर्शनकारियों ने लिंकन मेमोरियल के सामने रैली की और नेशनल मॉल तक मार्च निकाला। वहीं सेंट पॉल में सबसे बड़ा प्रदर्शन देखा गया, जहां हजारों लोग कैपिटल लॉन में इकट्ठा हुए। न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, देशभर में लगभग 3,100 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

हस्तियों ने भी जताया समर्थन

इस विरोध प्रदर्शन में कई बड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया। ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने रैली में प्रस्तुति दी, जबकि रॉबर्ट डी नीरो, जेन फोंडा और बर्नी सैंडर्स ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। इन सभी ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की बात कही।

कुछ जगहों पर झड़पें भी

हालांकि अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन लॉस एंजिल्स में कुछ स्थानों पर झड़पें देखने को मिलीं।यहां प्रदर्शनकारियों द्वारा वस्तुएं फेंकने के बाद पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। इसके बावजूद देशभर में विरोध का स्वर लगातार तेज होता जा रहा है।

यूरोप में भी दिखा असर

यह विरोध केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। लंदन, पेरिस और रोम समेत कई यूरोपीय शहरों में भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इन रैलियों में नस्लवाद और दक्षिणपंथी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई गई।

रिपब्लिकन नेताओं ने किया विरोध

रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने इन रैलियों की आलोचना की है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने इन्हें “वामपंथी एजेंडा” करार देते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इन प्रदर्शनों को जनता का वास्तविक समर्थन नहीं है।

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