मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Donald Trump ने Iran को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया तो 48 घंटे बाद “कहर टूट पड़ेगा”। यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराता जा रहा है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
होर्मुज को लेकर अल्टीमेटम
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि उन्होंने ईरान को पहले 10 दिनों की समय सीमा दी थी, जिसे बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दिया गया था। उन्होंने लिखा कि समय तेजी से बीत रहा है और अब केवल 48 घंटे बचे हैं। उनके इस बयान से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
Strait of Hormuz वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग माना जाता है। यहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है।
सैन्य घटनाओं ने बढ़ाया तनाव
तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, United States के एक सैन्यकर्मी को बचा लिया गया है, जबकि एक पायलट अब भी लापता बताया जा रहा है। यह घटना युद्ध के छह सप्ताह में पहली बार बताई जा रही है जब अमेरिकी विमान के नुकसान की खबर सामने आई है।
ड्रोन और मिसाइल हमले जारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार जारी हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसके ड्रोन हमले में दुबई स्थित एक अमेरिकी टेक कंपनी के दफ्तर को नुकसान हुआ है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
परमाणु संयंत्र के पास हमला
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने जानकारी दी है कि बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुए हमले में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हुई और एक इमारत को नुकसान पहुंचा। युद्ध के दौरान यह चौथी बार बताया जा रहा है जब इस संयंत्र के आसपास हमला हुआ है।
वैश्विक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज मार्ग पर तनाव बढ़ता है तो तेल और गैस की कीमतों में उछाल आ सकता है। कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। भारत समेत एशियाई देशों पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है, क्योंकि इनकी ऊर्जा जरूरतें आयात पर निर्भर हैं।