लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ती शिकायतों पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि बिना किसी गलती के किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाए। साथ ही, पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने के आदेश दिए गए हैं।
उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई
सीएम योगी ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कहा कि आम उपभोक्ता स्वभाव से ईमानदार होता है। यदि उसे सही बिल दिया जाए, तो वह समय पर भुगतान करता है। इसलिए बिजली विभाग को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
स्मार्ट मीटर जांच के लिए बनेगी समिति
राज्य सरकार ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की गहराई से जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का फैसला लिया है। यह समिति तकनीकी खामियों, बिलिंग विवाद और उपभोक्ता शिकायतों का विश्लेषण कर रिपोर्ट देगी। सीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हेल्पलाइन नंबर सक्रिय रहें और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो।
गर्मी में बिजली आपूर्ति पर विशेष फोकस
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीक डिमांड के दौरान बिजली आपूर्ति में कोई कमी न आए।
उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने या अन्य तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
ग्रामीण विद्युतीकरण और योजनाओं पर जोर
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि न्यूनतम 5 घरों वाले मजरों तक भी बिजली पहुंचाई जाए। इसके अलावा, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने विजिलेंस टीम को भी निर्देश दिया कि उनकी कार्रवाई से आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियां न हों।
सरकार की प्राथमिकता: पारदर्शी बिजली व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता निर्बाध और पारदर्शी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। डिस्कॉम्स की बेहतर राष्ट्रीय रेटिंग को बनाए रखने के लिए सुधार प्रक्रिया जारी रखने पर भी बल दिया गया।