दुनिया इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव से जूझ रही है, वहीं एशिया में चीन ने ताइवान पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। ताइवान ने दावा किया है कि उसके आसपास समुद्र में चीन के दो बड़े युद्धपोत देखे गए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पेंगहु द्वीप के पास दिखे चीनी युद्धपोत
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एक चीनी डेस्ट्रॉयर और एक फ्रिगेट पेंगहु द्वीप के दक्षिण-पश्चिमी समुद्री इलाके में दाखिल हुए। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां ताइवान के प्रमुख नौसेना और वायुसेना ठिकाने मौजूद हैं। ताइवान की सेना ने तुरंत निगरानी बढ़ाते हुए अपने जहाज और विमान तैनात कर दिए।
बढ़ती सैन्य गतिविधियों से बढ़ा खतरा
ताइवान का कहना है कि चीन लगातार उसके आसपास अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है। पिछले 24 घंटों में 9 युद्धपोत और 22 सैन्य विमान देखे जाने का दावा किया गया है। विशेषज्ञ इसे “ग्रे-ज़ोन रणनीति” मानते हैं, जिसमें बिना सीधे युद्ध के दबाव बनाया जाता है।
पुराना विवाद, नई आक्रामकता
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश बताता है। यही वजह है कि दोनों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। इस बार स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि वैश्विक स्तर पर अन्य संघर्षों के बीच चीन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
🇺🇸 अमेरिका की भूमिका पर नजर
ताइवान को आमतौर पर अमेरिका का समर्थन मिलता है, लेकिन मौजूदा समय में अमेरिका अन्य अंतरराष्ट्रीय संकटों में उलझा हुआ है। ऐसे में ताइवान की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि, चीन ने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
वैश्विक तनाव का नया केंद्र
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर सिर्फ एशिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है।