आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और चिंता लोगों की सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है। कई लोग अचानक दिल की धड़कन तेज होना, सांस फूलना, घबराहट और बेचैनी जैसे लक्षण महसूस करते हैं, लेकिन इन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये एंग्जाइटी यानी चिंता के संकेत हो सकते हैं।
क्या होती है एंग्जाइटी?
Anxiety एक ऐसी मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति लगातार डर, तनाव या असुरक्षा महसूस करता है। यह बाहरी परिस्थितियों या अंदरूनी भावनाओं दोनों की वजह से हो सकती है। जब व्यक्ति तनाव में होता है तो शरीर में एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं। इससे शरीर अलर्ट मोड में चला जाता है और कई शारीरिक लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
तेज धड़कन और सीने में जकड़न
एंग्जाइटी का सबसे सामान्य लक्षण दिल की धड़कन तेज होना और सीने में जकड़न महसूस होना है। कई बार लोगों को लगता है कि उन्हें हार्ट प्रॉब्लम हो रही है, जबकि इसकी वजह मानसिक तनाव भी हो सकता है। अगर यह स्थिति बार-बार हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सांस फूलना और घबराहट
एंग्जाइटी के दौरान कई लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस होती है। कुछ लोगों को ऐसा लगता है जैसे सांस पूरी नहीं आ रही या घुटन हो रही हो। इस वजह से चक्कर आना, कमजोरी और अचानक घबराहट जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
पेट और मांसपेशियों पर असर
तनाव का असर केवल दिमाग पर नहीं बल्कि पेट और मांसपेशियों पर भी पड़ता है। ज्यादा चिंता होने पर पेट खराब, गैस, मतली, पेट फूलना और बार-बार टॉयलेट जाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द या अकड़न महसूस हो सकती है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर आपको लंबे समय तक घबराहट, बेचैनी, नींद की कमी या लगातार डर महसूस हो रहा है तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। योग, मेडिटेशन, अच्छी नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल एंग्जाइटी को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।