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NEET पेपर लीक पर गरमाई राजनीति! प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- ‘ये सुसाइड नहीं, सिस्टम की हत्या’!

NEET पेपर लीक मामले पर विपक्ष का सरकार पर हमला तेज

देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर राजनीति लगातार गरमाती जा रही है। अब Priyanka Chaturvedi ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के बयान का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह सिर्फ आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि सिस्टम की नाकामी से हुई “हत्या” है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के मानसिक तनाव और पीड़ा को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।

‘एक नहीं, तीन छात्रों ने जान गंवाई’

प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि NEET विवाद के बीच कई छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र पूरे साल भारी दबाव में रहते हैं और पेपर लीक जैसी घटनाएं उन्हें मानसिक रूप से तोड़ देती हैं।

उन्होंने कहा कि जब छात्रों को लगता है कि उन्होंने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया है और बाद में पेपर लीक की वजह से परीक्षा रद्द होने की खबर मिलती है, तो यह उनके सपनों पर बड़ा आघात होता है।

राहुल गांधी के बयान का किया समर्थन

इससे पहले राहुल गांधी ने भी छात्रों की आत्महत्या को “सिस्टम द्वारा किया गया मर्डर” बताया था। अब प्रियंका चतुर्वेदी ने उसी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली छात्रों को मानसिक सुरक्षा देने में पूरी तरह असफल रही है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

‘पेपर लीक के पीछे भ्रष्ट गठजोड़’

प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक के पीछे एक बड़ा भ्रष्ट नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें पेपर सेट करने वाले, परीक्षा एजेंसियों के अधिकारी, राजनेता और शिक्षा माफिया शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य केवल पैसे कमाने की लालच में दांव पर लगाया जा रहा है। जनता इस मामले को भूलेगी नहीं और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग करेगी।

परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग

शिवसेना (UBT) नेता ने कहा कि पिछले कई वर्षों में देश में 50 से ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद ठोस सुधार नहीं किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि हर बार CBI जांच और सजा की बात होती है, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही।

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं का दबाव पहले से ही छात्रों पर भारी होता है। ऐसे में पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाएं छात्रों की मानसिक स्थिति को और खराब कर सकती हैं। इसी वजह से अब परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है।

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