विधान परिषद चुनाव के बाद तेजस्वी यादव ले सकते हैं बड़ा संगठनात्मक फैसला
पटना। बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी के अंदर बड़े संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि विधान परिषद चुनाव के बाद पार्टी नेता तेजस्वी यादव संगठन में व्यापक फेरबदल कर सकते हैं। सबसे ज्यादा चर्चा प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर हो रही है, जहां मौजूदा अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की जगह नए चेहरे को जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यादव दिल्ली से लौटने के बाद पार्टी के जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में संगठन की मजबूती, आगामी चुनावी रणनीति और नई प्रदेश कमिटी के गठन पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके बाद नई टीम का ऐलान किया जा सकता है।
मंगनी लाल मंडल की भूमिका पर उठ रहे सवाल
फिलहाल मंगनी लाल मंडल आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्हें पिछले वर्ष इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन हाल के दिनों में उनके एक आधिकारिक पत्र ने पार्टी के भीतर हलचल बढ़ा दी थी।
उस पत्र में उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि कई कार्यक्रम वरिष्ठ नेताओं को जानकारी दिए बिना आयोजित किए जा रहे हैं और संगठनात्मक अनुशासन का पालन नहीं हो रहा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व संगठन में नई ऊर्जा और बेहतर तालमेल लाने के लिए बदलाव पर विचार कर रहा है।
कुमार सर्वजीत सबसे आगे?
प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में सबसे ज्यादा चर्चा कुमार सर्वजीत के नाम की हो रही है। उन्हें लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव दोनों का करीबी माना जाता है।
कुमार सर्वजीत वर्तमान में बोधगया से आरजेडी विधायक हैं। उनके राजनीतिक जीवन की कहानी भी काफी संघर्षपूर्ण रही है। वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनके पिता राजेश कुमार की नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति का रास्ता चुना।
पार्टी संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है और युवाओं के बीच भी उनकी अच्छी पहचान बताई जाती है।
आलोक मेहता भी मजबूत दावेदार
वहीं आरजेडी नेता आलोक मेहता का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। आलोक मेहता केंद्र और बिहार दोनों स्तर की राजनीति का अनुभव रखते हैं। वह सांसद भी रह चुके हैं और वर्तमान में उजियारपुर से आरजेडी विधायक हैं।
पार्टी के अंदर उनकी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए उन्हें भी प्रदेश अध्यक्ष पद का मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है।
क्यों जरूरी माने जा रहे बदलाव?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले विधानसभा चुनाव में आरजेडी को अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिली थी। पार्टी को अच्छा वोट शेयर मिलने के बावजूद सीटों की संख्या उम्मीद से कम रही।
ऐसे में अब तेजस्वी यादव संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आरजेडी में कई बड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
बिहार की राजनीति में आरजेडी के इन संभावित बदलावों पर अब सभी की नजर टिकी हुई है।