नई दिल्ली। विपक्षी INDIA गठबंधन की सोमवार को होने वाली अहम बैठक से पहले ही गठबंधन में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पहले तमिलनाडु की प्रमुख सहयोगी पार्टी DMK ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया, वहीं अब CPM और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी कांग्रेस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे विपक्षी एकता की तस्वीर पर नए सवाल उठने लगे हैं।
CPM ने कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा पत्र
CPM के महासचिव M.A. Baby ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को पत्र लिखकर केरल में कांग्रेस द्वारा लेफ्ट पार्टियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर आपत्ति जताई है। पत्र में यह भी सवाल उठाया गया है कि यदि सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक हमले करते रहेंगे तो भाजपा के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का उद्देश्य कैसे पूरा होगा।
CPM ने कांग्रेस के प्रति नाराजगी जाहिर की है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने सोमवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद John Brittas बैठक में प्रतिनिधित्व करेंगे।
DMK पहले ही कर चुकी है बहिष्कार का ऐलान
INDIA गठबंधन को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब DMK ने बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया। पार्टी कथित तौर पर कांग्रेस के हालिया राजनीतिक फैसलों से नाराज है। DMK का मानना है कि कुछ मुद्दों पर कांग्रेस ने सहयोगी दलों से पर्याप्त संवाद नहीं किया, जिससे गठबंधन के भीतर असंतोष बढ़ा है।
JMM भी दिखा नाराज
झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी Jharkhand Mukti Morcha भी कांग्रेस के एकतरफा फैसलों से नाराज बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार घोषित करने के तरीके पर JMM ने असहमति जताई है। यहां तक कि पार्टी ने जरूरत पड़ने पर अपना अलग उम्मीदवार उतारने की चेतावनी भी दी है।
विपक्षी एकता पर उठे सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनावों के बाद विपक्षी दलों के बीच क्षेत्रीय हितों और नेतृत्व को लेकर मतभेद बढ़े हैं। ऐसे में INDIA ब्लॉक की आगामी बैठक गठबंधन की एकजुटता के लिए अहम मानी जा रही है। यदि सहयोगी दलों की नाराजगी दूर नहीं हुई तो विपक्ष की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
बीजेपी ने साधा निशाना
विपक्षी गठबंधन में बढ़ती खींचतान पर भाजपा ने भी तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने कहा कि INDIA गठबंधन के पास न कोई साझा मिशन है और न ही कोई स्पष्ट विजन। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के घटक दल लगातार एक-दूसरे से टकराव की स्थिति में हैं और यह गठबंधन केवल कागजों पर ही दिखाई देता है।
सोमवार की बैठक पर सबकी नजर
अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक पर है। यह बैठक न केवल विपक्षी दलों की रणनीति तय करेगी, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगी कि गठबंधन के भीतर बढ़ती नाराजगी को दूर किया जा सकेगा या नहीं।