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उत्तर प्रदेश के स्थायी DGP बने राजीव कृष्ण, 4 साल बाद प्रदेश को मिला पूर्णकालिक पुलिस प्रमुख!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी Rajeev Krishna को राज्य का स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। करीब चार वर्षों बाद उत्तर प्रदेश को पूर्णकालिक और स्थायी डीजीपी मिला है, जिससे पुलिस प्रशासन में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

राजीव कृष्ण पिछले एक वर्ष से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। अब उन्हें प्रदेश पुलिस का स्थायी प्रमुख नियुक्त किया गया है।

UPSC पैनल से हुआ चयन

स्थायी डीजीपी के चयन के लिए Union Public Service Commission ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का एक पैनल राज्य सरकार को भेजा था। इस पैनल में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम शामिल थे।

राज्य सरकार ने इन नामों में से राजीव कृष्ण को प्रदेश का स्थायी डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया।

सीएम योगी से की मुलाकात

स्थायी डीजीपी नियुक्त होने के बाद राजीव कृष्ण ने Yogi Adityanath से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

राज्य सरकार की ओर से इसे पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

कौन हैं राजीव कृष्ण?

राजीव कृष्ण वर्ष 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 26 जून 1969 को हुआ था और उनका गृह जनपद Gautam Buddha Nagar है।

अपने लंबे पुलिस सेवा काल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व और कानून व्यवस्था के प्रभावी प्रबंधन के लिए उन्हें पुलिस विभाग में विशेष पहचान मिली है।

कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित

राजीव कृष्ण को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें पुलिस मेडल, मेधावी सेवा के लिए पुलिस पदक तथा राष्ट्रपति पुलिस पदक जैसे प्रतिष्ठित सम्मान दिए जा चुके हैं।

पुलिस विभाग में उनकी छवि एक अनुभवी और कुशल अधिकारी के रूप में मानी जाती है।

4 साल बाद मिला स्थायी DGP

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से डीजीपी पद पर कार्यवाहक अधिकारियों की नियुक्ति होती रही थी। वर्ष 2022 के बाद से राज्य में कोई स्थायी डीजीपी नहीं था।

राजीव कृष्ण ने 1 जून 2025 को कार्यवाहक डीजीपी के रूप में पदभार संभाला था। अब उन्हें स्थायी नियुक्ति मिलने के बाद पुलिस विभाग में दीर्घकालिक नीतिगत फैसलों को लागू करने का अवसर मिलेगा।

कम से कम 2 साल का मिलेगा कार्यकाल

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार किसी राज्य के स्थायी डीजीपी को न्यूनतम दो वर्ष का कार्यकाल दिया जाना आवश्यक है। ऐसे में माना जा रहा है कि राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश पुलिस का नेतृत्व लंबे समय तक कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी नेतृत्व मिलने से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था प्रबंधन में निरंतरता बनी रहेगी।

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