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यूपी में बिजली विभाग पर बढ़ा सियासी घमासान, 15 जून को CM योगी की बड़ी बैठक, बिजली दरों पर हो सकता है अहम फैसला!

ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के विवाद के बीच बढ़ी हलचल

उत्तर प्रदेश का बिजली विभाग इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और पावर कॉर्पोरेशन के शीर्ष अधिकारियों के बीच विवाद खुलकर सामने आने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 15 जून को बिजली विभाग की समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में बिजली दरों, 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार और उपभोक्ताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की बैठक को देखते हुए शक्ति भवन में तैयारियां तेज कर दी गई हैं और विभिन्न मामलों से जुड़ी फाइलें तैयार की जा रही हैं।

10% ईंधन अधिभार को लेकर बढ़ा विवाद

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली बिलों में लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस महत्वपूर्ण फैसले से पहले उनसे कोई राय नहीं ली गई।

मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले निर्णय में विभागीय मंत्री को विश्वास में लेना जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि जनता पहले से महंगाई का सामना कर रही है और ऐसे फैसलों से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला

बिजली विभाग से जुड़े सूत्रों का मानना है कि 15 जून को प्रस्तावित समीक्षा बैठक के बाद 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को वापस लेने या उसमें बदलाव करने पर फैसला हो सकता है।

ऊर्जा मंत्री स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि इस अधिभार को लेकर जनता के बीच असंतोष है। ऐसे में मुख्यमंत्री की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। लाखों बिजली उपभोक्ताओं की नजर अब इस बैठक पर टिकी हुई है।

ऊर्जा मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप

बृहस्पतिवार को ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के बीच चल रहा मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ गया था। ऊर्जा मंत्री ने पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष कुमार गोयल को पत्र लिखकर कई गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में योग्य कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है और नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई महत्वपूर्ण निर्णय उनकी जानकारी के बिना लिए जा रहे हैं।

मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई दोबारा नहीं होनी चाहिए और इसे शासन के निर्देश के रूप में देखा जाए।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर

विवादों के बीच प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को एक राहत भी मिली है। अब बिजली उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी राशि पर 6.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलना शुरू हो गया है।

पावर कॉर्पोरेशन ने अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव कर ब्याज राशि को बिजली बिलों में समायोजित करना शुरू कर दिया है। इससे करीब 3.73 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

300 करोड़ रुपये का मिलेगा फायदा

प्रदेशभर के उपभोक्ताओं की कुल जमा सिक्योरिटी राशि लगभग 4,616 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस पर करीब 300 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में उपभोक्ताओं को लौटाए जाएंगे।

जिन उपभोक्ताओं के जून महीने के बिल में ब्याज राशि का समायोजन नहीं हुआ है, उन्हें यह लाभ जुलाई के बिजली बिल में दिया जाएगा।

क्या होगा उपभोक्ताओं पर असर?

15 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक के बाद यह साफ हो सकेगा कि 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार जारी रहेगा या वापस लिया जाएगा। यदि अधिभार हटाया जाता है तो लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। वहीं सिक्योरिटी राशि पर ब्याज मिलने से बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक फायदा भी होगा।

प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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