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ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 9 जुलाई को, मशहद में होंगे सुपुर्द-ए-खाक!

100 दिनों बाद घोषित हुआ अंतिम संस्कार कार्यक्रम

ईरान ने अपने पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सरकारी मीडिया के अनुसार अंतिम संस्कार की रस्में 4 जुलाई से शुरू होंगी और 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में दफन के साथ संपन्न होंगी। खामेनेई की मौत फरवरी 2026 में हुई थी, जिसके बाद सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण अंतिम संस्कार को स्थगित कर दिया गया था।

तेहरान से शुरू होगा अंतिम यात्रा कार्यक्रम

ईरानी मीडिया के अनुसार 4 जुलाई से तेहरान में श्रद्धांजलि और जनाजे से जुड़े कार्यक्रम शुरू होंगे। इसके बाद विभिन्न धार्मिक शहरों में भी विशेष आयोजन किए जाएंगे। अंततः 9 जुलाई को मशहद में अंतिम दफन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ईरानी प्रशासन को उम्मीद है कि अंतिम संस्कार कार्यक्रम में लाखों लोग शामिल हो सकते हैं।

मशहद के इमाम रज़ा दरगाह में होगा दफन

आयतुल्लाह अली खामेनेई को Imam Reza Shrine में दफनाया जाएगा। यह शिया मुस्लिम समुदाय के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मशहद खामेनेई का जन्मस्थान भी माना जाता है और धार्मिक दृष्टि से ईरान का महत्वपूर्ण शहर है।

दुनिया भर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

ईरानी अधिकारियों के अनुसार अंतिम संस्कार में विभिन्न देशों से श्रद्धालुओं और धार्मिक प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। विशेष रूप से दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के कई देशों से लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

तीन दशक से अधिक समय तक किया नेतृत्व

अली खामेनेई ने 1989 से लेकर 2026 तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में कार्य किया। उनके नेतृत्व में ईरान की घरेलू और विदेश नीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिले। उनकी मृत्यु के बाद सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई और नया नेतृत्व सामने आया।

वैश्विक नजरें अंतिम संस्कार पर

विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई का अंतिम संस्कार केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा। मध्य पूर्व की राजनीति पर नजर रखने वाले देशों की निगाहें इस कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं।

निष्कर्ष

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई के बीच आयोजित किया जाएगा। मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में उनका दफन किया जाएगा। यह आयोजन ईरान के हालिया इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।

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