नई दिल्ली। उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 48 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून की दस्तक
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 27 जून से 1 जुलाई के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी चेतावनी दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों में भी अगले 48 घंटे के दौरान मानसून पहुंचने की संभावना जताई है। मध्य प्रदेश में 30 जून तक कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ में 25 से 29 जून के बीच जोरदार बारिश होने का अनुमान है।
बिहार में 27 और 28 जून को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। झारखंड में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
दिल्ली, पंजाब और हिमाचल में बदलेगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पंजाब में 27 और 28 जून को कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में 26 जून से 30 जून तक भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं।
महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में मूसलाधार बारिश
कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 25 से 30 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। गुजरात के कई हिस्सों में भी 28 जून तक तेज बारिश हो सकती है।
तटीय कर्नाटक में भी अच्छी बारिश के संकेत मिले हैं और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
मानसून के आगे बढ़ने के साथ देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन कई क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।