कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को नया विवाद सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि नादिया जिले में उनके कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने उनके काफिले पर अंडे और बैंगन फेंके। घटना के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। वहीं, TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने घटना की निंदा करते हुए इसे “डर और कायरता” का प्रतीक बताया। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा।
महुआ मोइत्रा ने वीडियो शेयर कर लगाए आरोप
महुआ मोइत्रा ने X पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि भाजपा समर्थक करीब दो घंटे से वहां मौजूद थे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रदर्शनकारी चाहते थे कि वह अपनी कार में बैठकर वहां से निकलें ताकि उन पर अंडे या पत्थर फेंके जा सकें। उन्होंने पुलिस से भीड़ को तत्काल हटाने की अपील भी की।
अभिषेक बनर्जी ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
घटना के बाद TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने X पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद महुआ मोइत्रा पर हुए कथित हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। अभिषेक बनर्जी ने लिखा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को केवल इसलिए अपमानित किया जाना क्योंकि वह झुकने से इनकार करती हैं, शक्ति का प्रदर्शन नहीं बल्कि “डर और कायरता” का प्रमाण है।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग आज ऐसी घटनाओं पर ताली बजा रहे हैं, उन्हें यह नहीं समझना चाहिए कि सत्ता हमेशा स्थायी रहती है। राजनीति में परिस्थितियां बदलती रहती हैं और हर कार्रवाई का हिसाब जनता रखती है।
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने भी साधा निशाना
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने महुआ मोइत्रा पर अंडे फेंके। उनके अनुसार, इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं हैं।
BJP ने आरोपों से किया इनकार
भाजपा विधायक शंकर सिकदर ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर ऐसी हरकतें नहीं करती और न ही भविष्य में करेगी। उन्होंने कहा कि जनता अपने अनुभवों के आधार पर विरोध जता रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि पहले भाजपा नेताओं पर हुए हमलों पर सवाल उठाए गए होते, तो आज ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
महुआ मोइत्रा द्वारा लगाए गए आरोपों और वीडियो सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर TMC इस घटना को जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जोड़ रही है, वहीं भाजपा आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है। फिलहाल मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। घटना के संबंध में अलग-अलग पक्षों ने अपने-अपने दावे किए हैं और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।