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BAT-BMS App Explainer: कैसे एक मोबाइल ऐप से रुक जाता है E-Rickshaw? क्या Electric Scooter और EV Car भी हो सकती हैं बंद?

BAT-BMS App क्यों बना चर्चा का विषय?

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें कुछ लोग केवल मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके चलते हुए ई-रिक्शा को रोक देते हैं। इन वीडियो ने लाखों लोगों को हैरान कर दिया है। इसके पीछे जिस ऐप का नाम सामने आया है, वह BAT-BMS App है।

हालांकि यह ऐप मूल रूप से बैटरी की हेल्थ मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस के लिए बनाया गया था, लेकिन कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। यही वजह है कि अब यह तकनीक चर्चा का विषय बन गई है।

BAT-BMS App आखिर काम कैसे करता है?

दरअसल अधिकांश सस्ते लिथियम-आयन बैटरी वाले ई-रिक्शा में Battery Management System (BMS) लगा होता है। यह सिस्टम बैटरी का तापमान, चार्ज, वोल्टेज और सुरक्षा की निगरानी करता है। कई सस्ती बैटरियों में Bluetooth BMS होता है, जो बिना किसी पासवर्ड के खुला रहता है। यदि कोई व्यक्ति BAT-BMS ऐप के जरिए 10 से 15 मीटर की दूरी से इस ब्लूटूथ से कनेक्ट हो जाए, तो वह बैटरी का पावर आउटपुट बंद कर सकता है। इससे मोटर तक बिजली पहुंचनी बंद हो जाती है और ई-रिक्शा रुक जाता है।

क्या हर E-Rickshaw को रोका जा सकता है?

नहीं।

यह केवल उन्हीं ई-रिक्शा में संभव है जिनकी बैटरी में

  • Bluetooth खुला हो।
  • Password या PIN सुरक्षा न हो।
  • सस्ता या अनसिक्योर्ड BMS इस्तेमाल किया गया हो।

यदि बैटरी में सुरक्षित BMS और पासवर्ड लगा है, तो कोई बाहरी व्यक्ति उससे कनेक्ट नहीं कर सकता।

क्या Electric Scooter और EV Car भी ऐसे बंद हो सकती हैं?

अधिकांश मामलों में नहीं।

बड़ी कंपनियों की इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक कारों में अत्याधुनिक BMS लगाया जाता है, जिसमें

  • Password Protection
  • Encrypted Communication
  • Cloud Authentication
  • Multi-layer Security

जैसे फीचर मौजूद होते हैं। इसलिए केवल ब्लूटूथ से कनेक्ट होकर किसी EV कार या प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर को बंद करना लगभग असंभव है। हालांकि यदि किसी स्कूटर में आफ्टरमार्केट या सस्ती बिना सुरक्षा वाली बैटरी लगाई गई हो, तो जोखिम बढ़ सकता है।

इससे कैसे बचें?

यदि आप लिथियम बैटरी वाला ई-रिक्शा चलाते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें—

  • Bluetooth BMS में Password या PIN जरूर सेट करें।
  • बैटरी निर्माता से सुरक्षा अपडेट कराएं।
  • बिना सुरक्षा वाली बैटरी खरीदने से बचें।
  • अनजान व्यक्ति को बैटरी से कनेक्ट न होने दें।
  • केवल अधिकृत तकनीशियन से ही BMS सेटिंग बदलवाएं।

निष्कर्ष

BAT-BMS ऐप कोई हैकिंग टूल नहीं बल्कि बैटरी मॉनिटरिंग के लिए बनाया गया सॉफ्टवेयर है। समस्या तब पैदा होती है जब सस्ती बैटरियों में Bluetooth सुरक्षा नहीं होती। अच्छी बात यह है कि आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटर और EV कारों में मजबूत साइबर सुरक्षा मौजूद है। इसलिए आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन ई-रिक्शा चालकों और बैटरी निर्माताओं को सुरक्षा फीचर्स पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

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