नई दिल्ली। भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच कोविड-19 के 12 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 4 संक्रमित मरीजों की मौत होने की खबर ने लोगों को सतर्क कर दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
आंध्र प्रदेश में क्या है पूरा मामला?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन चार मरीजों की मौत हुई, वे पहले से ही गंभीर बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे। कोविड संक्रमण के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति और बिगड़ गई। फिलहाल तीन मरीज होम आइसोलेशन में हैं, दो अस्पताल में भर्ती हैं और तीन मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
क्या भारत में कोरोना की नई लहर आ गई है?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश में कोरोना की कोई नई लहर नहीं आई है। आंध्र प्रदेश के मामले स्थानीय स्तर के क्लस्टर प्रतीत होते हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार टेस्टिंग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और जीनोम सीक्वेंसिंग पर निगरानी बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी आबादी में पहले संक्रमण और वैक्सीनेशन के कारण विकसित हुई हाइब्रिड इम्यूनिटी गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम करती है।
क्या अब मास्क पहनना जरूरी है?
डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी लोगों के लिए हर समय मास्क पहनना आवश्यक नहीं है। लेकिन यदि किसी को बुखार, खांसी, गले में खराश या जुकाम है तो मास्क अवश्य पहनना चाहिए। इसके अलावा अस्पताल, भीड़भाड़ वाली बस, ट्रेन, फ्लाइट या बंद सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाने की सलाह दी गई है। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
यदि लगातार 3 से 5 दिन तक तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कोविड और सामान्य वायरल संक्रमण के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर टेस्ट कराना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
कोरोना से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें।
- हाथों को नियमित रूप से साबुन या सैनिटाइजर से साफ करें।
- खांसी या जुकाम होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखें।
- घर और कार्यालय में उचित वेंटिलेशन रखें।
- बच्चों के बीमार होने पर उन्हें स्कूल या सार्वजनिक स्थानों पर न भेजें।
- किसी भी गंभीर लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
निष्कर्ष
देश में फिलहाल कोरोना की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और किसी नई बड़ी लहर की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी विशेषज्ञों की सलाह है कि घबराने के बजाय सतर्क रहें, स्वच्छता बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें। सावधानी ही संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।